शिमला। दिवाली से पहले शहर के बाजारों और सड़कों पर तहबाजारियों ने कब्जा जमा लिया है। त्योहारी सीजन में अचानक सैकड़ों नए तहबाजारी आने से बाजार में चलना तक मुश्किल हो गया है। लोअर बाजार, रामबाजार, गंज बाजार के साथ-साथ अब मालरोड पर भी मनमाने तरीके से दुकानें सजाई जा रही हैं।
यही नहीं, कुछ दुकानदार अपनी दुकानें आधी सड़क तक पसार रहे हैं। नगर निगम खामोश बैठा है। न तो किसी पर कार्रवाई हो रही, न ही अवैध दुकानें हटाई जा रही हैं। हालत यह है कि यदि कोई हादसा हो जाए तो एंबुलेंस या दमकल की गाड़ियां बाजार में घुस ही नहीं पाएंगी। माल रोड पर भी लिफ्ट और एजी ऑफिस के पास मनमाने तरीके से दुकानें चलाई जा रही हैं। ओल्ड बसस्टैंड में तो तहबाजारियों ने मुख्य सड़क पर ही कब्जा जमा लिया है। इससे बार-बार जाम भी लग रहा है। यही हालत संजौली, कसुम्पटी, ढली, लक्कड़ बाजार, बालूगंज, टुटू जैसे उपनगरों में भी हैं। यहां भी कई दुकानदार मनमाने तरीके से सड़क पर ही रेहड़ी चला रहे हैं।
वेंडर पॉलिसी भी ठंडे बस्ते में
नगर निगम ने शहर में तहबाजारियों के सर्वे के लिए एक कमेटी भी बनाई थी। इस कमेटी को एक माह के भीतर शहर के सभी वार्डों में जाकर सर्वे करना था। तहबाजारियों के लिए स्थान चिन्हित कर रिपोर्ट तैयार की जानी थी। बाद में 2.77 करोड़ रुपये के बजट से करीब 600 तहबाजारियों को बसाया जाना था। लेकिन डेढ़ माह बाद भी सर्वे रिपोर्ट का कोई पता नहीं है। वहीं, इन दिनों तहबाजारियों की संख्या एक हजार से भी उपर चली गई है।
कोट्स
मैं खुद सोमवार को अफसरों के साथ निरीक्षण पर जाऊंगी। तहबाजारियों को मनमाने तरीके से दुकानें नहीं सजाने देंगे। लोगों को बाजार में चलने में परेशानी न हो, इसके लिए जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।
-कुसुम सदरेट, महापौर नगर निगम शिमला