मुख्य सचिव बीके अग्रवाल ने शनिवार को यह जानकारी देते हुए कहा कि सड़क हादसों पर नकेल कसने के प्रयास किए जा रहे हैं। बसों में चालकों के लाइसेंस और फोटो वाहनों में सामने चस्पा करना अनिवार्य किया जाएगा।
सरकार बस आपरेटरों से उनके चालकों और परिचालकों के लाइसेंस और फोटो मांगने जा रही है। वाहनों को पास करते वक्त निर्माता कंपनियों के विशेषज्ञों की मदद ली जाएगी। साथ ही सड़क हादसों को लेकर लोगों को जागरूक करने को लेकर शिक्षण संस्थानों में मास्टर ट्रेनर नियुक्त किए जाएंगे।
अग्रवाल ने कहा कि हादसों को रोकने के लिए कई एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं। बंजार घाटी में हादसे में 44 लोगों की मौत के बाद बीते रोज सड़क सुरक्षा कमेटी की बैठक हुई।
बैठक में न सिर्फ 15 साल पुराने स्कूली वाहनों को सड़क से बाहर करने का फैसला लिया है। लाइसेंस प्रक्रिया को और सख्त बनाने का निर्णय लिया है। प्रदेश के सभी 266 चालक प्रशिक्षण स्कूलों की भी लगातार मॉनिटरिंग करेंगे।
मुख्य सचिव बीके अग्रवाल ने शनिवार को कहा कि प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना प्रभावी ढंग से लागू की जा रही है। इसके अंतर्गत स्प्रिंकलर और ड्रिप प्रणाली को प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने केंद्रीय उर्वरक मंत्रालय से अनुरोध किया कि ऐसे घुलनशीन उर्वरक विकसित किए जाएं, जिससे प्रदेश के किसान लाभान्वित होकर कृषि उत्पादन में वृद्धि कर सके।
मुख्य सचिव यहां प्रदेश में किसानों को खादों की उपलब्धता सुनिश्चित करने और केंद्र सरकार की लागू की गई प्रत्यक्ष लाभ योजना (डीबीटी इन फर्टिलाइजर) की समीक्षा के लिए उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि खादों के वितरण की निगरानी ऑनलाइन मोबाइल फर्टिलाइजर प्रणाली के माध्यम से की जा रही है। यह योजना केंद्रीय उर्वरक मंत्रालय ने 1 फरवरी, 2018 से आरंभ की है।
इसके अंतर्गत 2129 खाद विक्रेता पंजीकृत हैं, जिसमें से 1751 विक्रेता ऑनलाइन विक्रय कर रहे हैं। बाकी विक्रेताओं को भी जल्द इंटरनेट सुविधा उपलब्ध करवाकर इस योजना के अंतर्गत जोड़ा जाएगा। प्रधान सचिव कृषि ओंकार चंद शर्मा ने बताया कि प्रदेश में खरीफ 2019 के लिए खादों की 48,250 मीट्रिक टन मांग आंकी गई है। जून 2019 तक 22,000 मीट्रिक टन मांग की अपेक्षा 33,500 मीट्रिक टन खादों की उपलब्धता सुनिश्चित कर दी गई है।
यूरिया खाद की उपलब्धता भी पूर्ण रूप से सुनिश्चित की गई है। बैठक में कृषि विभाग के निदेशक ने पीओएस मशीनों में 3.0 वर्जन लागू होने से विक्रेताओं को पीओएस अपडेट करने में हो रही कठिनाइयों के बारे में बताया। खाद सप्लायरज ने परिवहन उपदान पूर्ण रूप से वहन न करने के बारे में अवगत करवाया।
अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्यान ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि बागवानों की आवश्यकता अनुसार उर्वरक ग्रेड उपलब्ध करवाए जाएं, जिसके लिए केंद्रीय सचिव ने प्रदेश सरकार को इस बारे प्रस्ताव भेजने को कहा। इस बैठक में केंद्रीय उर्वरक मंत्रालय के सचिव छविलेंद्र राउल, अतिरिक्त मुख्य सचिव सहकारिता निशा सिंह और उद्योग और कृषि विभाग एवं हिमफेड के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।