जन्म देने वाले मां और धरती मां को बड़सर के ओंकार लखनपाल एक ही मानते हैं। मां के निधन के बाद भी इस धरा को बचाने और पर्यावरण संरक्षण में ओंकार अपनी अहम भूमिका निभा रहे हैं। वह मानते हैं कि हर इंसान को इस प्राकृतिक धरती को हराभरा बनाए रखने के लिए अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करना चाहिए। इसी कड़ी में हमीरपुर जिले के हार गांव के रहने वाले ओंकार लखनपाल अपनी माता के निधन पर पौधे वितरित कर रहे हैं।
उन्होंने अपनी माता स्वर्गीय परोजी देवी के निधन के बाद शोक प्रकट करने आए लोगों को 150 चंदन के पौधे बांट कर अपनी माता की इच्छा को पूरा किया है। बड़सर उपमंडल के गांव हार के निवासी ओंकार लखनपाल केंद्रीय सांख्यकी विभाग से सेवानिवृत्त हुए हैं। उनकी माता स्वर्गीय परोजी देवी का बीते 11 अगस्त को निधन हुआ था।
देहावसान के बाद क्रिया-कर्म संस्कार में शोक व्यक्त करने के लिए आए लोगों को उन्होंने चंदन के पौधों का वितरण किया है। ओंकार ने बताया कि उनकी माता के मन में पर्यावरण को लेकर बहुत उच्च विचार थे। अपने 95 साल के जीवनकाल में उन्होंने असंख्य पौधे लगाए हैं। बरसात के मौसम में वह हर साल पौधे अवश्य लगाती थीं। जिसके चलते उन्हें माता की याद में पौधे बांटने का अनोखा विचार आया है।