प्रदेश में खतरनाक बन चुकी 148 सड़कों पर आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। ये ऐसी सड़के हैं, जिन पर सफर करना खतरनाक है। इन सड़कों पर जगह-जगह मलबा, पेड़ और पहाड़ी से पत्थर गिरने पर हादसों की आशंका बनी हुई है।
लोक निर्माण विभाग ने ऐसी सड़कों पर सफर न करने की हिदायत दी है। इन सड़कों का निर्माण एक दो साल के भीतर प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत हुआ है।
लोक निर्माण विभाग का कहना है कि कई सड़कें कच्ची हैं जबकि कई में टारिंग तक हो चुकी है। इनका निर्माण एक से दो साल के भीतर हुआ है। ऐसे में मलबा और पेड़ गिरने की आशंका अधिक है।
हिमाचल में दो दिनों से ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कें बहाल न होने से एचआरटीसी के करीब 280 रूट प्रभावित हुए हैं। इधर, परिवहन निगम ने चालक परिचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि जहां भी सड़कों पर मलबा या सड़क पर दरारें हैं, वहां बस चलाने का जोखिम न उठाएं।
नालों के किनारे भी बसें खड़ी न करने के निर्देश दिए हैं। परिवहन मंत्री गोविंद ठाकुर ने कहा कि जैसे-जैसे सड़कें खुलने की सूचना मिल रही है, उन रूटों पर बसें भेजी जा रही हैं।