सरकार सीआईडी में नियुक्तियों को लेकर किस कद्र असमंजस में है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पिछले एक हफ्ते में सरकार एसपी इंटेलिजेंस अभिसूचना के पद पर नियुक्ति के तीन आदेश बार जारी कर चुकी है। मंगलवार को सरकार ने इस पद पर संदीप भारद्वाज की तैनाती की है।
संदीप अभी तक पुलिस मुख्यालय में एसपी वेलफेयर के तौर पर तैनात थे। संदीप से पहले सरकार ने एसपी इंटेलिजेंस रहे भगत सिंह ठाकुर को हटाकर उनकी जगह एसपी एलआर रहे भूपिंदर सिंह नेगी को तैनाती दी।
दो ही दिन में सरकार ने फैसले को पलटते हुए फिर से भगत सिंह को एसपी इंटेलिजेंस और नेगी को एसपी एलआर लगाने के आदेश जारी कर दिए। अब मंगलवार को फिर इस पद के लिए नए आदेश जारी हुए हैं।
वहीं, केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से लौटने के बाद तत्कालीन वीरभद्र सरकार ने भूपिंदर नेगी को एसपी एलआर लगाया था। डेढ़ साल तक इस पद पर रहने के बाद नई सरकार ने उन्हें एसपी इंटेलिजेंस लगा दिया। हालांकि, विभाग के आला अधिकारियों की आपत्ति के बाद सरकार ने आदेश में बदलाव कर दिया,
लेकिन आदेश में उन्हीं भगत सिंह को फिर से लगा दिया, जो वीरभद्र सरकार के दौरान इस पद पर तैनात रहे थे। अब मंगलवार को सरकार को अपनी गलती नजर आई तो उसने फिर से आदेश में बदलाव कर दिया।
सूत्रों की मानें तो जिस एसपी संदीप को अब सीआईडी में लगाया गया है, वह पिछले नौ साल से राज्यपाल के एडीसी थे। नौ साल तक एडीसी रहने के बाद भारद्वाज को सरकार ने पुलिस मुख्यालय में एसपी वेलफेयर बनाया था।
जाहिर है एडीसी रहने के दौरान फील्ड से कटने के बावजूद सरकार ने उन्हें खुफिया तंत्र को मजबूत करने के लिए चुना, ऐसे में सरकार की पसंद पर चर्चाओं का बाजार गर्म है।