मौसम विभाग की ओर से 6 और 7 फरवरी को भारी बर्फबारी की चेतावनी जारी करने के बाद एचआरटीसी ने अलर्ट जारी कर दिया है। निगम प्रबंधन की ओर से चालक परिचालकों को बर्फबारी होने की स्थिति में बसें सुरक्षित स्थानों पर खड़ी करने के निर्देश दिए हैं।
जनवरी में हुई भारी बर्फबारी के दौरान एचआरटीसी की बसें दर्जनों रूटों पर फंस गई थीं। मुख्य सड़कें बहाल होने के बाद भी एचआरटीसी बसें ग्रामीण रूटों में फंसी होने के कारण कई दिनों तक नहीं चल पाईं। निगम प्रबंधन ने इस समस्या से पार पाने के लिए इस बार चालकों को बर्फबारी होने की स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर खड़ी करने के निर्देश दिए हैं। बसें बर्फ में न फंसे इसके लिए चालकों को समय रहते इन्हें वापस लाने के लिए कहा गया है। इसके अलावा बर्फबारी से बंद पड़े रूटों पर पीडब्ल्यूडी की ओर से क्लीयरेंस मिलने के बाद ही बसों का संचालन करने के निर्देश दिए हैं।
क्लीयरेंस मिलने पर ही चलाएं बसें
बर्फबारी के दौरान बसें रूटों पर न फंसे इसके लिए चालकों को इन्हें सुरक्षित स्थानों पर खड़ी करने के निर्देश दिए हैं। पीडब्ल्यूडी से क्लीयरेंस मिलने के बाद ही रूटों पर गाड़ियां चलाने के लिए कहा गया है।
- सुनील सनाडिया क्षेत्रीय प्रबंधक, तारादेवी
14 दिन बाद निकलीं बर्फ में फंसीं 35 बसें
जनवरी माह में 22 तारीख को हुई भारी बर्फबारी के बाद विभिन्न रूटों पर फंसीं 35 बसें 14 दिन बाद निकाली गईं थीं। एचआरटीसी के तारादेवी और नेरवा डिपो की बसें बाघी, जराई, माटल, कुपवी, पुलवाहल सहित अन्य रूटों पर फंसी हुई थीं। सभी बसों को निकालने में करीब चौदह दिन लगे थे। आने वाले दिनों में भारी बर्फबारी होने पर बसें दोबारा रूटों पर न फंसें इसलिए एचआरटीसी प्रबंधन ने खास एहतियात बरतने के निर्देश जारी किए हैं।