अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। स्कूलों की बोर्ड परीक्षाओं को लेकर तनाव को दूर करने के लिए 16 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शिमला का कोई छात्र संवाद नहीं कर पाएगा। इसकी वजह जिले भर के स्कूलों में रही सर्दियों की छुट्टियां रहीं। अभी तक ऐसी कोई सूचना नहीं है कि किसी स्कूल का कोई छात्र सवाल कर पाए। 11 फरवरी तक सवाल भेजने की समय सीमा तय थी। जिले में स्कूल ही 12 फरवरी को खुले हैं। इतना जरूर है कि परीक्षा के दौरान तनाव को कम करने के प्रधानमंत्री के तरीकों और टिप्स का सीधा प्रसारण सभी निजी और सरकारी कॉलेजों और स्कूलों में किया जाना है।
जिले भर के स्कूलों के साथ कॉलेजों के छात्रों को सीधा प्रसारण दिखाने और सुनने की व्यवस्था करने को शिक्षा विभाग ने स्कूल कॉलेजों को आदेश भी किए हैं। मगर इस सीधे संवाद में जिले के किसी भी स्कूल और कॉलेज का छात्र सीधे प्रधानमंत्री से संवाद नहीं कर पाएगा। जिले शिमला के करीब 404 सरकारी उच्च और वरिष्ठ माध्यमिक और 338 के करीब माध्यमिक स्तर के सरकारी स्कूलों के अलावा निजी खुल चुके स्कूलों में प्रसारण देखने और रेडिया के माध्यम से सुनने की व्यवस्था रहेगी। शिक्षा सचिव बीते रोज उप निदेशकों और कॉलेज प्राचार्यों के साथ इसको लेेकर वीडियो कांफ्रेंसिंग भी कर चुके हैं। इसमें जहां स्कूलों की आईटीसी लैब है, वहा इंटरनेट के माध्यम से और जहां ऐसी व्यवस्था नहीं है वहां डीडी नेशनल के चैनलों से होने वाले प्रसारण को दिखाने की व्यवस्था रहेगी, दूर दराज क्षेत्रों में रेडियो पर ही छात्र प्रधानमंत्री के संवाद को सुन सकेंगे।
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शहर के स्कूल कॉलेजों में किए जा रहे इंतजाम
शहर के आरकेएमवी, कोटशेरा, संजौली कॉलेज में एलईडी पर छात्रों को पीएम संवाद का सीधा प्रसारण दिखाए जाने की व्यवस्था रहेगी। संजौली कॉलेज प्राचार्य प्रो. दीक्षा मल्होत्रा, उप निदेशक उच्च शिक्षा राजेश्वरी बत्ता ने भी बीते रोज उपायुक्त कार्यालय से इंतजामों को लेकर हुई वीडियो कांफ्रेंसिंग में हिस्सा लिया। शहर के सरकारी स्कूलों लालपानी ब्वॉयज, गर्ल्ज स्कूल पोर्टमोर, लक्कड़ बाजार, फागली, छोटा शिमला, संजौली, बालुगंज और समरहिल सहित आस पास के सभी स्कूलों में व्यवस्थाएं की जा रही है।
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प्रसारण दिखाए जाने की भेजनी होगी फोटो रिपोर्ट
उप-निदेशक उच्च शिक्षा राजेश्वरी बत्ता ने बताया कि दूरदर्शन के चैनल और रेडिया से प्रसारण को दिखाए और सुनने की हर स्कूल को फोटो और रिपोर्ट बनाकर शिक्षा विभाग को भेजनी होगी, वहीं कुछ छात्रों से प्रतिक्रिया भी लेकर रिपोर्ट भेजनी होगी।