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जान जोखिम में डाल मणिमहेश जा रहे श्रद्धालु

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भरमौर(चंबा)। आधिकारिक तौर पर मणिमहेश यात्रा की शुरूआत से पहले ही बाहरी राज्यों से आए श्रद्घालु अपने जोखिम पर कैलाश दर्शन के लिए जाने लगे हैं। रविवार और सोमवार की छुट्टी होने के कारण शनिवार को भरमौर से करीब पचास बाहरी राज्यों के पर्यटक मणिमहेश यात्रा के लिए निकलें। अभी मणिमहेश यात्रा पर जाने वालों के लिए भले ही प्रशासन की ओर से प्रबंध न किए गए हों, लेकिन स्थानीय युवाओं ने मणिमहेश यात्रा के मुख्य पड़ाव धन्छौ, सुंदरासी, गौरीकुंड और डलझील में श्रद्घालुओं के खाने-पीने व ठहरने के लिए प्रबंध किए हैं। हैरानी की बात तो यह है कि जहां स्थानीय लोगों ने मूलभूत सुविधाओं का प्रबंध कर दिया है वहीं प्रशासन की ओर से एक स्वास्थ्य जांच शिविर तक धंदौ या गौरीकुंड के बीच स्थापित नहीं किया गया है। मैदानी क्षेत्रों में गर्मी बढ़ने के कारण श्रद्घालु भरमौर व मणिमहेश के लिए आवाजाही करने के लिए पहुंच रहे हैं। हड़सर पंचायत की प्रधान अंजुबाला व पूर्व पंचायत समिति सदस्य पवन कुमार शर्मा ने बताया कि इन दिनों हड़सर से मणिमहेश की ओर काफी लोग कूच कर रहे हैं।
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स्थानीय लोग व व्यापार मंडल भरमौर के पदाधिकारी व सदस्य मणिमहेश यात्रा का स्वरूप बढ़ाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन ने 15 से बीस दिन का ही स्वरूप मणिमहेश यात्रा का इस बार निर्धारित किया है। व्यापार मंडल भरमौर के पदाधिकारियों व सदस्यों का तर्क है कि अमरनाथ यात्रा में आतंकवाद का साया रहता है। इसलिए मणिमहेश यात्रा का स्वरूप जून से राधाष्टमी न्हौण तक बढ़ाने से जहां मणिमहेश यात्रा पर आने वाले श्रद्घालुओं की संख्या बढ़ेगी वहीं मणिमहेश ट्रस्ट की आय में भी बढ़ोतरी होगी।
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एसडीएम भरमौर बालकृष्ण चौधरी ने बताया कि उन्होंने हाल ही में ज्वाइन किया है। इस मामले में ज्यादा कुछ नहीं कह सकते।
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