जल शक्ति भवन के पास खड़ी थी बसें
शिमला। राजधानी शिमला में टुटीकंडी क्रॉसिंग के नजदीक एचआरटीसी डीजल पंप के पास खड़ी 14 बसों की बैटरियां चोरी होने का मामला सामने आया है। सोमवार रात एचआरटीसी के डीजल पंप से लेकर जल शक्ति निदेशालय के बीच खड़ी बसों से बैटरियां गायब हो गईं। मंगलवार सुबह जब एचआरटीसी के चालक बसों को लेने पहुंचे तो बसों से बैटरियां गायब मिलीं। इसके बाद निगम के उच्च अधिकारियों को सूचना दी और बालूगंज थाने में एफआईआर दर्ज करवाई गई।
बसों से 28 बैटरियां गायब हुई हैं जिनकी कीमत करीब तीन लाख रुपये है। 14 बसें खड़ी होने से मंगलवार को एचआरटीसी की बस सेवा भी प्रभावित रही। कई रूटों पर बसें रवाना नहीं की जा सकीं जिस कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मंगलवार सुबह जैसे ही बसों से बैटरियां गायब होेने की सूचना मिली एचआरटीसी प्रबंधन में हड़कंप मच गया। एचआरटीसी शिमला लोकल डिपो के यातायात प्रबंधक मौके पर पहुंचे और रिपोर्ट तैयार कर आला अधिकारियों को दी। एचपी 63 3269, एचपी 63 3119, एचपी 03बी 6256, एचपी 15ए 4073, एचपी 63ए 2330, एचपी 63 3269, एचपी 63 3344, एचपी 63 3286, एचपी 63 3163, एचपी 63 3357, एचपी 63 3193, एचपी 636815, एचपी 03बी 6258 और एचपी 68 2282 की बैटरियां चोरी होने की शिकायत दर्ज करवाई है।
28 बैटरियों की कीमत
करीब 3 लाख : पवन
एचआरटीसी शिमला मंडल के कार्यकारी मंडलीय प्रबंधक पवन शर्मा ने बताया कि 14 बसों से चोरी हुई 28 बैटरियों की कीमत करीब तीन लाख रुपये है। एक बैटरी की कीमत करीब 11 से 12 हजार रुपये है। पुलिस अधीक्षक से जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने का आग्रह किया है।
एक बस की 8 दिन में
दूसरी बार बैटरी चोरी
एचआरटीसी शिमला लोकल डिपो की एक बस की आठ दिन में दूसरी बार बैटरी चोरी हुई है। पहली बार 31 जनवरी को बैटरी चोरी हुई, बावजूद इसके चालक ने दोबारा बस रात्रि ठहराव के लिए उसी स्थान पर खड़ी कर दी जहां पहली बार बैटरी चोरी हुई थी। इसे संशय की दृष्टि से देखा जा रहा है। सोमवार रात इस बस की दोबारा बैटरी चोरी हो गई। 28 जनवरी को भी एचआरटीसी डीजल पंप और जल शक्ति निदेशालय के पास खड़ी बसों की बैटरियां गायब हुई थीं।