फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एमसी-वन्य जीव विभाग में फंसा बंदरों से राहत दिलाने का मामला

Fri, 21 Sep 2018 08:38 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
विज्ञापन
विज्ञापन

रिज, मालरोड और शहर के मंदिरों में बंदरों के आतंक से शहरवासियों तथा सैलानियों को जल्द राहत नहीं मिल पाएगी। कोर्ट के आदेशों के बावजूद इन स्थानों पर अभी तक न तो कोई वालंटियर तैनात किए हैं और न इनसे निपटने का कोई प्लान बना है।

विज्ञापन

सोमवार को इस मामले पर फिर सुनवाई होनी है। लेकिन हालत यह है कि अभी बंदरों से निजात दिलाने का यह मामला नगर निगम और वाइल्ड लाइफ विभाग के बीच अटका पड़ा है। दोनों महकमे इसे एक दूसरे की जिम्मेदारी बता रहे हैं। कोर्ट के आदेशों के बाद जनता को राहत की उम्मीद जगी थी लेकिन अभी इसके लिए इंतजार करना पड़ेगा। नगर निगम का कहना है कि बंदरों को पकड़ने, नसबंदी आदि के काम वाइल्ड लाइव विभाग ही देखता है। ऐसे में विभाग को पत्र लिखकर इनके आतंक से निजात दिलाने के लिए कदम उठाने को कहा है। दूूसरी ओर वाइल्ड लाफ विभाग ने कहा कि निगम ने पत्र तो भेजा है। लेकिन कहीं भी प्लान बनाने या वालंटियर तैनात करने को नहीं कहा है। विभाग पहले ही बंदरों को पकड़ने का काम कर रहा है। डीएफओ राजेश शर्मा ने कहा कि इस साल दो हजार बंदर पकड़ने का लक्ष्य रखा है। इसके अलावा मंकी नेट से ग्रुप में बंदर पकड़ने का काम भी चल रहा है। वालंटियर तैनात करने या प्लान बनाने को लेकर अभी कोई दिशा निर्देश नहीं मिले हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें