जिलेभर में दो दिन से हो रही मूसलाधार बारिश अब लोगों को लिए आफत बन गई है। बारिश के कारण राजधानी से सटे दर्जन भर रूटों पर करीब नौ घंटे तक यातायात ठप रहा। हालांकि, सोमवार दोपहर बाद सभी रूटों को बहाल कर दिया गया था।
बारिश से जगह-जगह हुए भूस्खलन के कारण सड़कों पर मलबा आने से कई बसें अपने निर्धारित रूटों के लिए रवाना नहीं हो सकीं। रोहड़ू, बागी और चौपाल से राजधानी आने वाले करीब एक दर्जन से ज्यादा रूट बंद रहे। कोटखाई के पास निहारी के पास पहाड़ी से भूस्खलन होने के कारण मढ़ोल-शिमला, देवनगर-शिमला, रुईलधार-शिमला, गिलराड़ी से शिमला और सोलंग से शिमला रूट पर गाड़ियों की आवाजाही बंद रही।
इसके अलावा बागी और चौपाल रूटों पर भी कई जगह भूस्खलन के कारण शिमला को आने वाली कई बसें कुछ समय के लिए फंस गईं। इससे राजधानी आ रहीं बसें समय पर अपने गंतव्यों तक नहीं पहुंच सकीं। हालांकि, लोक निर्माण विभाग के कर्मचारी सुबह से ही सड़कों से मलबा हटाने में लगे रहे। इस दौरान लोनिवि ने पहाड़ी से आए मलबे को हटाने के लिए मशीनरियों का सहारा लिया। इसके बाद ही रूटों पर वाहनों को रवाना किया जा सका। कई जगह दोपहर बाद रूटों को बहाल किया जा सका।
ये रूट रहे प्रभावित
शिमला से रोहड़ूू जाने वाले मार्ग पर कोटखाई में खड़ापत्थर के समीप निहारी के पास पहाड़ी से भूस्खलन होने के कारण मढ़ोल-शिमला, देवनगर-शिमला, रुईलधार-शिमला, गिलराड़ी से शिमला और सोलंग से शिमला रूट बंद रहा। हालांकि दोपहर बाद तक इन रूटाें पर बसों को शिमला के लिए रवाना किया गया।