अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। बर्फबारी के तीन दिन बाद बुधवार को राष्ट्रीय राजमार्ग-5 यातायात के लिए बहाल हो गया। कुफरी और नारकंडा के अलावा खड़ापत्थर और खिड़की सेे भी दिन के समय वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई। रामपुर, रिकांगपिओ, रोहड़ूू और चौपाल रूटों पर बुधवार को बसें रवाना होने से शिमला में फंसे लोगों ने राहत की सांस ली।
जिला शिमला में ग्रामीण रूटों पर वाहनों की आवाजाही अभी सामान्य नहीं हो पाई है। एचआरटीसी के 30 से अधिक रूट अभी भी ठप पड़े हैं। ग्रामीण रूटों पर बसें न चलने के कारण लोगों को पैदल ही आवाजाही करनी पड़ रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में एचआरटीसी की करीब 10 बसें अभी भी फंसी हुई है। हालांकि अभी दिन के समय ही बसों की आवाजाही शुरू हो पाई है। नाइट बस सर्विस अभी भी प्रभावित है। रात के समय सड़कों पर पाला जमने से फिसलन बढ़ने के कारण एचआरटीसी नाइट सर्विस चलाने में परहेज कर रहा है।
30 रूट प्रभावित, 10 बसें फंसी
नारकंडा और खड़ापत्थर में सड़क बहाल हो गई है। चौपाल रूट पर भी बुधवार को बसें भेजी गई हैं। करीब 30 ग्रामीण रूट प्रभावित हैं, 10 बसें फंसी हुई हैं जिन्हें वीरवार को निकाल दिया जाएगा।
- अवतार सिंह, मंडलीय प्रबंधक, एचआरटीसी
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चौपाल के ग्रामीण रूट ठप, लोग परेशान
बुधवार को शिमला से चौपाल तक तो बसें पहुंच गई लेकिन चौपाल के ग्रामीण रूटों पर बस सेवा ठप है। ग्रामीण रूटों पर बसें न चलने के कारण लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। उधर ग्रामीण रूटों पर फंसी बसें न निकल पाने के कारण चौपाल-शिमला रूट पर भी पूरी बसें नहीं चल पा रही है। हालांकि एचआरटीसी प्रबंधन का दावा है कि ग्रामीण रूटों पर फंसी बसें सेफ जगहों पर हैं और जल्द ही निकाल ली जाएंगी।