अशोक ने भी अपनी और पत्नी के इंश्योरेंस के तौर पर दो लाख 20 हजार रुपये भेज दिए। इसी बीच अधिकारी ने अशोक को बताया कि आपके लोन की राशि बढ़ गई है। इसके बाद अशोक ने पांच महीने के अंदर सात बार करीब 6 लाख 70 हजार रुपये अधिकारी के पते पर भेजे। लाखों रुपये भेजने के बाद अधिकारी का फोन बंद हो गया।
और इसके बाद पवन दीप भाटिया का फोन आने लग गया। इस अधिकारी ने अशोक को कहा कि आपकी फाइल पहुंच गई है। इसके बाद अधिकारी के कहने पर छह बार करीब छह लाख रुपये दोबारा उपरोक्त पते पर भेजे। अगले दिन अधिकारी ने बताया कि आपकी गाड़ी के लिए तीस लाख रुपये का लोन मंजूर हो गया है।
आरबीआई नियम के तहत आपको 25 हजार रुपये तुरंत जमा करवाने होंगे। अशोक ने कहा कि बैंक बंद हो चुका है। अगले दिन ही पैसा जमा हो पाएंगे। लेकिन अगले दिन से भाटिया का मोबाइल नंबर भी बंद हो गया। तक जाकर पोस्टमैन अशोक को अपने साथ हुई ठगी का आभास हुआ। डीएसपी हेड क्वार्टर प्रमोद शुक्ला ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर दिया है।