हिमाचल दिवस के मौके पर प्रदेश के डीजीपी का सरकारी ड्राईवर गाड़ी को बंधित सड़क रिज पर मंच से चंद कदम पीछे तक ले आया। इसे किसी ने रोकने की जरूरत भी नहीं समझी। ड्राइवर जिस जगह पर गाड़ी ले गया वहां केवल देश के चुनिंदा अति विशिष्ट की ही गाड़ियां जा सकती हैं। ऐसे में डीजीपी की सरकारी गाड़ी सभी कायदे और नियमों को तोड़ते हुए बंधित सड़क तक जा पहुंची। रोकने की हिम्मत भी कौन करता?
प्रदेश की कानून की अनुपालना करवाना और सुरक्षा का जिम्मा जिनके सिर है उन्हें ही कानून को तोड़ता देख मौके पर मौजूद आम लोग तथा अन्य अधिकारी अचरज में थे। मामला सोमवार दोपहर करीब पौने एक बजे का है। हिमाचल दिवस के मौके पर डीजीपी भी कार्यक्रम में मौजूद थे। इनकी सरकारी गाड़ी राज्य पुस्तकालय के पास खड़ी थी।
समारोह के समापन पर कई अधिकारी वहां मौजूद थे। इसी दौरान अचानक डीजीपी के ड्राईवर ने गाड़ी को वहीं से बैक कर लिया और मंच से कुछ पहले बंधित सड़क पर खड़ा कर दिया। इससे पहले कोई कुछ कह पाता डीजीपी साहब को सामने आता देख उन्हें अधिकारी भी सैल्यूट करते रह गए। इस बीच डीजीपी साहब आराम से गाड़ी में बैठे और चल दिए।
डीजीपी के चालक की इस हरकत को वहां मौजूद किसी जागरूक नागरिक ने अपने कैमरे में कैद कर लिया। थोड़ी ही देर में इसका वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो गया। गौरतलब है कि रिज पर जिस जगह तक डीजीपी को लेने सरकारी गाड़ी गई उस जगह से केवल देश के राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, प्रदेश के राज्यपाल और मुख्यमंत्री की गाड़ियां ही जा सकती हैं। आपातकालीन गाड़ियों के लिए छूट है। इनके अलावा अगर गलती से कोई गाड़ी पहुंचती है तो तीन हजार तक के चालान का प्रावधान है।