गाजियाबाद से हिमाचल के पालमपुर पहुंची 12 साल की बच्ची को चाइल्ड लाइन धर्मशाला ने उसके माता-पिता के साथ भेज दिया। चाइल्ड लाइन कार्यालय सकोह में बच्ची को माता पिता के हवाले करने से पहले चाइल्ड वेल्फेयर कमेटी की बैठक हुई।
इसमें बच्चे के माता-पिता के द्वारा दिए गए आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज चेक किए गए। पूरी पड़ताल होने के बाद चाइल्ड लाइन के निदेशक रमेश मस्ताना ने बच्ची को माता-पिता के हवाले कर दिया। यह अभी भी रहस्य ही बना हुआ है कि बच्ची कैसे गाजियाबाद से पालमपुर पहुंची।
15 फरवरी को पालमपुर बस स्टैंड में लोगों ने बच्ची को देखा था। इसके बाद पुलिस को सूचित किया गया था। उसके बाद बच्ची अर्ची को चाइल्ड लाइन धर्मशाला लाया गया। यहां पर बच्ची के माता-पिता को बुलाया गया था।
परिजनों ने आर्ची की गुमशुदगी की रिपोर्ट गाजियाबाद पुलिस में दर्ज करवाई थी। बच्ची को पालमपुर लाने पर दो महिलाओं पर शक जताया गया है। गाजियाबाद पुलिस मामले में छानबीन कर रही है। चाइल्ड लाइन के निदेशक रमेश मस्ताना ने बताया कि बच्ची को उसके माता-पिता के हवाले कर दिया गया है।