शहर में जारी हो रहे बिजली बिल कई उपभोक्ताओं को जोर का झटका दे रहे हैं। अचानक पांच गुना ज्यादा बिल आने से लोग हैरान हैं। यह लोग बिजली बोर्ड दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं। लोगों का कहना है कि सर्दी के मौसम में बिजली की खपत ज्यादा थी। ठंड से बचने के लिए रोज हीटर जलते थे। लेकिन तब भी बिल कम था। जैसे ही गर्मियां शुरू हुई कि बिल का मीटर घटने की बजाय अचानक और चढ़ गया। मार्च और अप्रैल महीने में कई उपभोक्ताओं को पांच गुना ज्यादा बिल थमाए गए हैं।
ज्यादातर लोगों ने बिल चुका दिए हैं लेकिन बोर्ड के मीटरों और मीटर रीडिंग पर सवाल भी खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि कई बार मीटर रीडिंग लिए बिना ही कर्मचारी बिल जारी कर रहे हैं। इससे भी बिल में इतना अंतर पैदा हो रहा है। उधर, बिजली बोर्ड खामियां चेक करने की बजाय दावा कर रहा है कि ज्यादा खपत के चलते ही कई उपभोक्ताओं को ज्यादा बिल आए हैं। लेकिन गर्मी के मौसम में बिजली खपत अचानक पांच गुना कैसे बढ़ गई, इसका किसी के पास कोई जवाब नहीं है।
सर्दी के दो महीने का बिल 187, अकेले अप्रैल का 1390
कसुम्पटी में रहने वाले नगर निगम कर्मचारी हेतराम को भी कई गुना ज्यादा बिल जारी हो गया। 12 अप्रैल से 13 मई तक का बिल 1390 रुपये आया है। हेतराम के अनुसार उनका पिछले दो महीने का बिल मिलाकर 187 रुपये था। अब अचानक एक महीने का बिल ही इतना ज्यादा आ गया।
अब रीडिंग लेने वाला कर्मचारी मीटर खराब बता रहा है तो बिजली बोर्ड वाले रीडिंग गलत बता रहे हैं। जाखू में किराए के फ्लैट में रहने वाले विनोद का बिजली बिल 3233 रुपये आया। यह बिल 13 मार्च से 13 अप्रैल के बीच का है। विनोद ने बताया कि सर्दी के महीनों में बिल छह से सात सौ रुपये आता था। लेकिन मार्च से अप्रैल का बिल अचानक पांच गुना ज्यादा बिल आ गया।
शिकायतों की होती है जांच : सूद
बोर्ड के अधिशासी अभियंता राजीव सूद ने कहा कि बिजली बिल मीटर रीडिंग पर जारी हो रहे हैं। कहा कि जो उपभोक्ता ज्यादा बिल की शिकायत दे रहे हैं, उनकी जांच हो रही है। ऐसे उपभोक्ताओं का पांच माह का डाटा चेक किया जाता है। कई बार कर्मचारी भी रीडिंग में गलती कर देता है। लेकिन इसे अगले बिलों में एडजस्ट कर देते हैं। यदि किसी उपभोक्ता को लग रहा है कि उसका बिल ज्यादा आया है तो वह अपने नजदीकी दफ्तर में शिकायत दे सकता है। इसकी जांच की जाएगी।