एचआरटीसी ने 600 रुपये महंगा कर दिया स्कूल बस पास
राजधानी के हजारों अभिभावकों पर पड़ेगा अतिरिक्त वित्तीय भार
तीसरे क्वार्टर का पास अब 1200 की जगह 1800 में बनेगा
रोजाना 1500 बच्चे करते हैं एचआरटीसी की चार्टड स्कूल बसों में सफर
स्कूल टाइम पर चल रही हैं एचआरटीसी की 60 से अधिक बसें
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। एचआरटीसी ने शहर के लोगों को एकाएक जोरदार झटका दिया है। स्कूल सेशन के बीच ही एचआरटीसी ने चार्टड स्कूल बसों का पास 600 रुपये महंगा कर दिया है। तीन महीनों के क्वार्टर के लिए बनने वाला स्कूल बस पास अब 1200 रुपये की जगह 1800 रुपये में बनेगा। एचआरटीसी की स्कूल बसों में रोजाना प्राइवेट और कॉनवेंट स्कूलों के करीब 1500 छात्र सफर करते हैं। एचआरटीसी 60 से अधिक बसें स्कूल टाइम पर चला रहा है। एचआरटीसी की निदेशक मंडल की बैठक में स्कूल बस पास स्लैब की दरों में बढ़ोतरी का फैसला लिया गया था। अगले साल से इसे लागू करने की जगह निगम प्रबंधन ने अपनी जेबें भरने के लिए साल के अंतिम क्वार्टर में ही बढ़ी हुई दरें लागू कर दी हैं। सितंबर, अक्तूबर और नवंबर माह के लिए बनने वाले पास अब बढ़ी हुई दरों पर बनेंगे। अभिभावक बस पास बनवाने के लिए जब एचआरटीसी के पास काउंटरों पर पहुंच रहे हैं तब उन्हें पास की बढ़ी हुई दरों की जानकारी मिल रही है। उधर निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक देवासेन नेगी का कहना है कि स्कूल बस पास के स्लैब का रिवीजन मार्च में ही डयू था। बोर्ड ऑफ डायरेक्टर की बैठक में इसे मंजूरी दी गई थी। सितंबर से बनने वाले पास नए स्लैब के आधार पर ही बनेंगे।
किलोमीटर रेंज स्लैब
0 से 5 किलोमीटर 900 रुपये प्रतिमाह
5 से 10 किलोमीटर 1350 रुपये
10 से 20 किलोमीटर 1500 रुपये
20 से 30 किलोमीटर 1800 रुपये
उपायुक्त से उठाएंगे एचआरटीसी की मनमानी का मुद्दा
शहर के अभिभावक स्कूल बस पास की दरों में की गई मनमानी बढ़ोतरी का मुद्दा उपायुक्त शिमला के समक्ष उठाने की तैयारी में है। अभिभावकों का कहना है कि पास की दरों में सीधे 600 रुपये की बढ़ोतरी सही नहीं है। नगर निगम शिमला के पूर्व पार्षद सुशांत कपरेट का कहना है कि स्कूल बस पास की दरों में 600 रुपये की बढ़ोतरी तर्क संगत नहीं है। अभिभावकों पर जबरन वित्तीय नहीं डालने दिया जाएगा। सरकार से इस निर्णय को वापस लेने का आग्रह किया जाएगा।