अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। कनलोग वार्ड में पानी की बंदरबांट चल रही है। शेड्यूल के मुताबिक बुधवार रात को लोगों को पानी नहीं मिला। वार्ड के कुछ घरों में पानी की सप्लाई नहीं की गई। लोगों का आरोप है कि वार्ड में रसूखदारों को जमकर पानी की सप्लाई हुई। आम लोग रात दो बजे तक पानी का इंतजार करते रहे। की-मैन और जेई से संपर्क करना चाहा तो इन्होंने फोन नहीं उठाया। इधर, गुस्साए लोगों ने वार्ड में चल रही पानी की बंदरबांट की शिकायत डीसी और नगर निगम के अफसरों से की है। कनलोग के सुभाष वर्मा ने उपायुक्त शिमला को शिकायत पत्र में आरोप लगाया है कि पानी की मुख्य पाइप लाइनों में चाबियां ही नहीं लगी हैं।
ऐसे में बुधवार रात को आने वाली सप्लाई नहीं मिली है। कुछ लोग यहां पीजी चलाते हैं। उन्हें सप्लाई दी गई। वर्मा अपार्टमेंट, मनचंदा कॉटेज, मनोहर आश्रम, नीत विहार, शर्मा निवास, उमा निवास, हरिहर भवन, बुशैहर निवास समेत सत्रह भवनों में बुधवार रात को पानी की सप्लाई ही नहीं मिल पाई। इधर, वार्ड के लोगों का कहना है कि पानी की सप्लाई को लेकर पक्षपात न किया जाए। एसएल शर्मा, महेंद्र नेगी, जीआर शर्मा, डीएम मनचंदा और सुभाष वर्मा ने निगम आयुक्त रोहित जम्वाल और निगम अभियंता विजय गुप्ता से भी इसकी शिकायत की है।
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दस मिनट के लिए आया पानी
डेजी बैंक इस्टेट जाखू में रहने वाले पंडित अमर गौतम का कहना है कि चार दिन के बाद वीरवार सुबह महज 10 मिनट के लिए पानी की सप्लाई दी गई। पड़ोस के ही एक मकान को दोपहर के समय करीब डेढ़ घंटे पानी दिया गया। शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई।
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रात एक बजे तक जगाया, फिर भी नहीं दिया पानी
शिमला। टालैंड रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन ने नगर निगम पर शेड्यूल के मुताबिक पानी की सप्लाई न करने का आरोप लगाया है। एसोसिएशन के संयोजक डॉ. अशोक कपाहटिया का कहना है कि बुधवार को कनलोग वार्ड के अपर टालैंड क्षेत्र में पानी की सप्लाई आनी थी। रात 11 बजे तक इंतजार किया। की-मैन से पानी छोड़ने का आग्रह किया भी तो वह यह कह कर निकल गया कि 11:30 बजे पानी बंद कर दूंगा। नोडल अधिकारी जेई राकेश कुमार रात 12 बजे मुआयना करने पहुंचे। 12:30 बजे पता चला की रिज टैंक से पानी बंद कर दिया गया है। वीरवार को एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने निगम अभियंता को पूरे प्रकरण से अवगत करवाया। स्थानीय निवासी हितेंद्र पुरी, सत्या सोनी, दिलीप मल्होत्रा, आशा मल्होत्रा, तजिंद्र कौर, सुरेश कुमार, जानकी मेहता और रंजन शर्मा ने वितरण प्रणाली पर सवाल उठाए हैं।