सीटू प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा, महासचिव प्रेम गौतम, उपाध्यक्ष जगत राम, शिमला जिलाध्यक्ष कुलदीप डोगरा, सचिव अमित कुमार, यूनियन प्रदेशाध्यक्ष सुनील दत्त, महासचिव बालक राम व उपाध्यक्ष समित कुमार ने कहा कि मुख्य नियोक्ता एनएचएम के अंतर्गत कार्यरत मेडसवान फाउंडेशन के अधीन काम कर रहे सैकड़ों पायलट, कैप्टन व ईएमटी कर्मचारी शोषण के शिकार हैं। बारह घंटे डयूटी करवाई जाती है परंतु इन्हें ओवरटाइम वेतन का भुगतान नहीं किया जाता है।
यह हैं मांगें
कर्मचारियों को सरकारी नियमानुसार न्यूनतम वेतन का भुगतान किया जाए। बारह घंटे कार्य करने पर नियमानुसार डबल ओवरटाइम वेतन का भुगतान किया जाए। कर्मचारियों को नियमानुसार सभी छुट्टियों का प्रावधान किया जाए। गाड़ियों की मेंटेनेंस व इंश्योरेंस के दौरान कर्मचारियों का वेतन न काटा जाए और कर्मचारियों को पूर्ण वेतन का भुगतान किया जाए। हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय, लेबर कोर्ट, सीजेएम कोर्ट शिमला व श्रम विभाग के न्यूनतम वेतन के संदर्भ में आदेशों को तुरंत लागू किया जाए। कई कर्मचारियों को बिना कारण ही कई-कई महीनों तक डयूटी से बाहर रखा जाता है। उन्हें डराया-धमकाया जाता है, इसे तुरंत बंद किया जाए।