इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) में अब ई टेंडर से दवाओं के रेट तय होंगे। वीरवार को अस्पताल में ई टेंडर को लेकर पहली प्री बिड खोली गई। इस ई-टेंडर प्रक्रिया में करीब तीस कंपनियों ने हिस्सा लिया है। प्री बिड खुलने के बाद सभी कंपनियों को तीस दिन का समय दिया है।
उधर, सरकार की ओर से इस तरह की टेंडर प्रक्रिया के बाद अस्पताल द्वारा मरीजों को खरीदी जाने वाली दवाओं के लिए फ्री ड्रग पॉलिसी के तहत पांच करोड़ रुपये की पहली किस्त भी जारी हो गई है। इससे अस्पताल में टेंडर के बाद 600 से अधिक प्रकार की दवाएं इन करोड़ों रुपये से खरीदी जाएंगी। वीरवार को आईजीएमसी में दोपहर तीन बजे अस्पताल प्रबंधन ने इस प्रक्रिया को पूरा किया।
अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. जनकराज, मेडिसन विभाग के डॉक्टर बलवीर, रेडियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. संजीव शर्मा, डॉ. राहुल गुप्ता और सीईओ आरकेएस समेत अन्य लोग इस मौके पर मौजूद रहे। प्रबंधन ने दावा किया गुणवत्ता और पारदर्शिता को लेकर यह प्रक्रिया पहली बार अपनाई है। इसके अलावा डब्ल्यूएचओ व जीएमटी की मान्य दवाओं की खरीददारी की जाएंगी।
अस्पताल इन छह सौ प्रकार आवश्यक दवाओं में ब्लड प्रेशर, न्यूरोलॉजी, हृदय रोग, न्यूरोसर्जरी, साइकेट्री मिर्गी की दवाएं खरीदेंगे। आईजीएमसी के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. जनकराज ने कहा कि पारदर्शिता के लिए ई टेंडर प्रक्रिया अपनाई है। इस प्रक्रिया के बाद अस्पताल में छह सौ से अधिक दवाओं की खरीद की जाएंगी।