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फाड़कर डस्टबिन में फेंक दिए 1000 और 500 के पुराने नोट

Thu, 16 Feb 2017 02:32 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कुनिहार (सोलन)
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नोटबंदी से पहले बैंक और तिजोरियों की शोभा बढ़ाने वाली पुरानी 1000 और 500 की करेंसी को अब कूड़ेदान में जगह मिल रही है। हाटकोट पंचायत की एक गली में भी कोई 1000 और 500 के दस हजार के नोट फाड़कर डस्टबिन में फेंक गया। सफाई कर्मचारी को ये नोट कूड़ेदान से मिले। सूचना पर पुलिस ने फटे नोटों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। 
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बताया जा रहा है कि करीब एक माह पूर्व भी इसी जगह 25 हजार के 500 और 1000 के फटे हुए पुराने नोट मिले थे। 1000 और 500 के पुराने नोट देश भर में बंद हो चुके हैं। पुराने नोटों को जमा करवाने की सरकार की ओर से तय समयसीमा भी खत्म हो चुकी है। बावजूद इसके कुनिहार क्षेत्र में पुराने नोट मिलने का सिलसिला जारी है।
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कूड़े को भरते वक्‍त मिले नोट

सफाई कर्मचारी राजकुमार, राजवीर, अर्जुन और बाबूराम ने बताया कि हर रोज की तरह वे सफाई के बाद ट्रैक्टर में कूड़े को भर रहे थे। मुख्य मार्ग पर राधाकृष्ण मंदिर के पास डस्टबिन में फटे हुए नोट मिले। पुलिस चौकी में इसकी सूचना दी गई। कहा कि इससे पहले भी इसी स्थान पर पुरानी करेंसी मिल चुकी है। 

डीएसपी दाड़लाघाट नरवीर सिंह राठौर ने कहा कि कुनिहार चौकी को मामले में जांच के आदेश दिए हैं। पुलिस इन नोटों को पिछले दिनों जिले में हुई चोरियों की कड़ी से भी जोड़कर देख रही है। हो सकता है कि नोटबंदी के बाद बेकार काले धन को कूड़ेदानों में फेंककर शरारत की जा रही हो।
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कौन फाड़ गया नोट, चर्चा जोरों पर

कुनिहार व्यावसायिक दृष्टि से काफी विकसित है। क्षेत्र में ग्रेन मार्केट के अलावा कई बड़ी दुकानें और शोरूम हैं। यह चर्चा का विषय बन गया है कि एक माह में दूसरी बार 500 और 1000 के नोट फाड़कर डस्टबिन में कौन डाल गया है? 

यह भी सवाल उठ रहे हैं कि नोटबंदी के बाद बेकार हो चुके अवैध नोटों को इस तरह कौन ठिकाने लगा रहा है। पुरानी करेंसी असली है या नकली, इस पर भी पुलिस जांच कर रही है।
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