हिमाचल हाईकोर्ट ने आठ किलो चरस के साथ चंबा जिले के हट्टा में पकडे़ गए दो आरोपियों भोटू और जगदीश कुमार को मादक पदार्थ अधिनियम में दोषी पाते हुए 10 साल के कठोर कारावास और एक-एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। वरिष्ठ न्यायाधीश धर्म चंद चौधरी और न्यायाधीश ज्योत्सना रेवाल दुआ की खंडपीठ ने प्रदेश सरकार की ओर से दायर अपील को मंजूर करते हुए यह सजा सुनाई।
हाईकोर्ट ने विशेष न्यायाधीश चंबा के फैसले को पलटते हुए यह सजा सुनाई है। मामले के अनुसार छह दिसंबर 2010 को पुलिस पार्टी ने तीन दोषियों को हट्टा जिला चंबा में पेट्रोलिंग व नाकेबंदी के दौरान चरस के साथ गिरफ्तार किया था। केस की सुनवाई की प्रक्रिया चलती रही और इस बीच एक दोषी की मौत हो गई।
गवाहों को कोर्ट में पेश करने के बावजूद अभियोजन पक्ष निचली अदालत में आरोपियों पर दोष साबित नहीं कर पाया। निचली अदालत के फैसले के खिलाफ सरकार ने हाईकोर्ट में अपील की थी जिसे स्वीकार करते हुए हाईकोर्ट ने सभी दोषियों को यह सजा सुनाई। मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट ने कहा कि मादक पदार्थों से जुड़े अपराध संगीन होते हैं और समाज के खिलाफ होते हैं, इसलिए इन मामलों अदालतों को सख्ती से निपटना चाहिए।