स्कूल से घर लौट रही नौ वर्षीय बच्ची को टॉफी का लालच देकर दुष्कर्म करने के आरोपी को न्यायालय ने दोषी ठहराते हुए 10 साल कठोर कारावास व एक लाख रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने की सूरत में दो साल अतिरिक्त कारावास की सजा होगी। विशेष जज केके शर्मा की अदालत ने पीड़िता को साढ़े छह लाख रुपये मुआवजा देने के भी आदेश दिए हैं।
जिला उप न्यायवादी देवेंद्र कुमार चौधरी ने बताया कि उपमंडल नूरपुर में 22 सितंबर, 2017 को नूरपुर थाना में बच्ची के परिजनों ने शिकायत दर्ज करवाई थी कि उनकी बेटी 22 सितंबर को स्कूल जाने से इनकार कर रही थी और स्कूल जाने का नाम लेने पर डर रही थी। जब उन्होंने इसका कारण पूछा तो बेटी ने बताया कि 20 सितंबर को वह स्कूल से वापस आ रही थी तो आरोपी उसे रास्ते में मिला और उसे एक टॉफी दी। इसके बाद और अधिक टॉफियां देने का लालच देकर उसे एक नवनिर्मित भवन में ले गया, जहां उसके साथ दुष्कर्म किया।
शिकायत के बाद पीड़िता के बयान भी लिए गए और आरोपी को गिरफ्तार किया गया। पुलिस जांच के बाद विशेष जज केके शर्मा की अदालत में पहुंचे मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 17 गवाह पेश किए गए। गवाहों के बयानों के आधार पर आरोपी के खिलाफ आरोप सिद्ध होने पर न्यायालय ने 10 साल कठोर कारावास व एक लाख रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। वहीं पीड़िता को छह लाख 50 हजार रुपये पुनर्वास एवं राहत राशि देने के भी आदेश दिए।