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Himachal News: चिट्टा रखने के दोषी को 10 वर्ष का कठोर कारावास, एक लाख जुर्माना; जानें पूरा मामला

Wed, 26 Mar 2025 09:38 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, मंडी

सार

अदालत ने एक अहम मामले में चिट्टा रखने के दोषी को 10 वर्ष के कठोर कारावास के साथ एक लाख के जुर्माने की सजा सुनाई है।  
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जिला न्यायवादी कार्यालय मंडी। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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नशे के खिलाफ सख्ती बरतते हुए विशेष न्यायाधीश (एक) की अदालत ने 239 ग्राम चिट्टा के साथ पकड़े गए आरोपी को 10 साल के कठोर कारावास और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर दोषी को तीन साल का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। अदालत ने यह सजा जिला बिलासपुर की सदर तहसील के धौंन कोठी निवासी सुभाष चंद को सुनाई है।

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जिला न्यायवादी एवं विशेष लोक अभियोजक विनोद भारद्वाज ने कहा कि 17 दिसंबर 2023 को विशेष अन्वेषण इकाई (एसआईयू) ने पुंघ (सुंदरनगर) में नाका लगाया था। इस दौरान पुलिस टीम ने सलापड़ की ओर से मंडी जा रही एक निजी वॉल्वो बस को जांच के लिए रोका। जांच के दौरान पुलिस को एक व्यक्ति की हरकतें संदेहजनक लगीं।





व्यक्ति पुलिस को देखकर देखकर घबरा गया। पुलिस ने उससे गोद में रखे बैग के बारे में पूछताछ की तो वह संतोषजनक उत्तर नहीं दे पाया। पुलिस ने बैग की तलाशी ली तो उसमें उसके निजी सामान के साथ एक हैंडबैग भी मिला। जांच के दौरान इस हैंडबैग के अंदर एक पॉलीथिन पाउच में 258 ग्राम चिट्टा पाया गया। इस पर पुलिस ने आरोपी को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया।
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उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया। अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत में 21 गवाहों के बयान दर्ज करवाए गए। अब मामले में विशेष न्यायाधीश (एक) की अदालत ने सुभाष चंद को 10 साल के कठोर कारावास और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि यदि आरोपी जुर्माना अदा नहीं करता है, तो उसे तीन साल का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
 

सुंदरनगर के मंडी स्थानांतरित हुआ था मामला
इस मामले की प्रारंभिक सुनवाई विशेष न्यायाधीश सुंदरनगर की अदालत में चल रही थी। हालांकि, हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय शिमला ने एक अधिसूचना जारी की थी, जिसमें कहा गया कि नारकोटिक ड्रग्स और साइकोट्रोपिक पदार्थ (एनडीपीएस) की बड़ी मात्रा वाले मामलों का परीक्षण मंडलीय स्तर पर किया जाना चाहिए। इसी वजह से यह मामला विशेष न्यायाधीश मंडी–1 को स्थानांतरित कर दिया गया था और वहीं इस पर अंतिम निर्णय सुनाया गया।
चिट्टे की मात्रा में बदलाव पर कोर्ट का संज्ञान
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पुलिस द्वारा जब्त किए गए चिट्टे का प्रारंभिक वजन 258 ग्राम था, लेकिन जब माल सूची तैयार की गई, तो इसका वजन 256 ग्राम पाया गया। बाद में न्यायिक विज्ञान प्रयोगशाला की जांच में इसका वास्तविक वजन 249 ग्राम निकला। इस वजह से विशेष न्यायाधीश सुंदरनगर ने पहले आरोपी को जमानत दे दी थी। मगर जब यह मामला विशेष न्यायाधीश मंडी-1 को स्थानांतरित हुआ, तो आरोपी के खिलाफ आरोप संशोधित किए गए। मामले के परीक्षण के दौरान आरोपी फरार हो गया था, जिसे बाद में पुलिस ने फिर से हिरासत में लिया। अदालत ने इस पूरे घटनाक्रम को ध्यान में रखते हुए आरोपी के खिलाफ कठोर सजा सुनाई।

चिट्टा के एक मामले में चार आरोपी दोषी करार, सजा पर फैसला आज
जिला न्यायवादी विनोद भारद्वाज ने बताया कि मंडी जिले में नशे के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी गई है। फिलहाल, चिट्टे के चार बड़े मामले अदालत में विचाराधीन हैं। इनमें से एक मामले में सजा सुना दी गई है, जबकि अन्य तीन मामलों में सुनवाई चल रही है। मंडी जिले के ब्राधीवीर के समीप 268 ग्राम चिट्टा बरामद होने के मामले में विशेष न्यायाधीश (एक) की अदालत ने चार आरोपियों को दोषी करार दिया है। इस मामले में सजा का फैसला आज यानी गुरुवार को सुनाया जाएगा।
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