सुंदरनगर के मंडी स्थानांतरित हुआ था मामला
इस मामले की प्रारंभिक सुनवाई विशेष न्यायाधीश सुंदरनगर की अदालत में चल रही थी। हालांकि, हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय शिमला ने एक अधिसूचना जारी की थी, जिसमें कहा गया कि नारकोटिक ड्रग्स और साइकोट्रोपिक पदार्थ (एनडीपीएस) की बड़ी मात्रा वाले मामलों का परीक्षण मंडलीय स्तर पर किया जाना चाहिए। इसी वजह से यह मामला विशेष न्यायाधीश मंडी–1 को स्थानांतरित कर दिया गया था और वहीं इस पर अंतिम निर्णय सुनाया गया।
चिट्टे की मात्रा में बदलाव पर कोर्ट का संज्ञान
पुलिस द्वारा जब्त किए गए चिट्टे का प्रारंभिक वजन 258 ग्राम था, लेकिन जब माल सूची तैयार की गई, तो इसका वजन 256 ग्राम पाया गया। बाद में न्यायिक विज्ञान प्रयोगशाला की जांच में इसका वास्तविक वजन 249 ग्राम निकला। इस वजह से विशेष न्यायाधीश सुंदरनगर ने पहले आरोपी को जमानत दे दी थी। मगर जब यह मामला विशेष न्यायाधीश मंडी-1 को स्थानांतरित हुआ, तो आरोपी के खिलाफ आरोप संशोधित किए गए। मामले के परीक्षण के दौरान आरोपी फरार हो गया था, जिसे बाद में पुलिस ने फिर से हिरासत में लिया। अदालत ने इस पूरे घटनाक्रम को ध्यान में रखते हुए आरोपी के खिलाफ कठोर सजा सुनाई।
चिट्टा के एक मामले में चार आरोपी दोषी करार, सजा पर फैसला आज
जिला न्यायवादी विनोद भारद्वाज ने बताया कि मंडी जिले में नशे के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी गई है। फिलहाल, चिट्टे के चार बड़े मामले अदालत में विचाराधीन हैं। इनमें से एक मामले में सजा सुना दी गई है, जबकि अन्य तीन मामलों में सुनवाई चल रही है। मंडी जिले के ब्राधीवीर के समीप 268 ग्राम चिट्टा बरामद होने के मामले में विशेष न्यायाधीश (एक) की अदालत ने चार आरोपियों को दोषी करार दिया है। इस मामले में सजा का फैसला आज यानी गुरुवार को सुनाया जाएगा।