हिमाचल प्रदेश में 40,000 मतदान कर्मियों में से करीब 10,000 वोट डाल चुके हैं। निर्वाचन विभाग ने 25,000 मतदान कर्मियों को इलेक्शन ड्यूटी सर्टिफिकेट (ईडीसी) जारी कर दिए हैं। ये कर्मचारी 1 जून को मतदान के दिन पोलिंग बूथ पर वोट डालेंगे। निर्वाचन विभाग ने मतदान कर्मियों के लिए 23 मई से मतदान सुविधा केंद्रों पर वोट डालने के अभियान की शुरुआत की थी।
उधर, 85 वर्ष से अधिक उम्र के मतदाताओं और 40 फीसदी से अधिक दिव्यांगता वाले मतदाताओं को घर से मतदान करने की सुविधा (होम वोटिंग) दी गई है। उनका मतदान का आंकड़ा 84 फीसदी तक पहुंच गया है। लोकसभा चुनावों में घर से मतदान के लिए प्रदेश में करीब 97,199 मतदाताओं ने आवेदन किया था। आवेदन पत्रों की छंटनी के बाद अंतिम सूची में 44,510 पात्र मतदाता पाए गए। इनमें से 37,400 मतदाताओं का मतदान करवा दिया गया है। निर्वाचन विभाग ने अगले दो दिन में 95 फीसदी होम वोटिंग पूरी करने का लक्ष्य रखा है।
प्रदेश में अनिवार्य सेवाएं प्रदान करने वाले कर्मियों का मतदान प्रतिशत अब तक सबसे कम है। निर्वाचन आयोग की ओर से आरओ और एआरओ स्तर के अधिकारियों को इसे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। प्रदेश में पोस्टल बैलेट के माध्यम से 88 फीसदी मतदान पूरा हो गया है।
'दो दिन में घर से 95 फीसदी मतदान कराने का लक्ष्य'
राज्य मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनीष गर्ग ने बताया कि प्रदेश में 84 फीसदी तक होम वोटिंग हो चुकी है। 10,000 के करीब पोलिंग स्टाफ का भी मतदान हो चुका है। दो दिन में 95 फीसदी वोटिंग पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है।