प्रापर्टी टैक्स जमा न करवाने वालों से अब नगर निगम 10 फीसदी जुर्माने के साथ टैक्स वसूलेगा। शहर के करीब 5000 प्रापर्टी मालिकों ने अभी तक हाउस टैक्स नहीं दिया है। इन लोगों को 30 नवंबर तक 10 फीसदी जुर्माने के साथ टैक्स का भुगतान करना पड़ेगा। 30 नवंबर के बाद जुर्माने की राशि दोगनी कर दी जाएगी।
इतना ही नहीं, सोमवार से ई-फार्म जमा करने वालों को अब नगर निगम 10 फीसदी की छूट भी नहीं देगा और प्रतिमाह एक फीसदी की दर से देय राशि पर ब्याज भी वसूला जाएगा। नगर निगम की ओर से प्रापर्टी टैक्स जमा न करने वालों को दी गई आखिरी मोहलत 31 अक्तूबर को खत्म हो गई है।
शहर के विकास कार्यों में तेजी लाने के लिए निगम को पैसा चाहिए। ऐसे में बार-बार मोहलत देने के बावजूद प्रापर्टी टैक्स न देने वालों के खिलाफ अब निगम ने एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई करने का फैसला लिया है। नगर निगम के आयुक्त पंकज राय ने अपने एक साल के कार्यकाल के भीतर 10 करोड़ से अधिक के एरियर की वसूला की है। सालों से नगर निगम इस एरियर की वसूली नहीं कर पा रहा था।
पंकज राय ने नगर निगम शिमला में बतौर कमिश्नर 3 नवंबर 2014 को पदभार ग्रहण किया था। एक साल के भीतर नगर निगम ने लगभग तीन करोड़ रुपये पानी का और 5.43 करोड़ रुपये हाउस टैक्स का एरियर वसूल किया है। एक और रोचक बात यह है कि पंकज राय के कमिश्नर बनने के बाद नगर निगम को अपने कर्मचारियों को वेतन देने के लिए अपनी एफडी नहीं तोड़नी पड़ी है।