हर रोज बसों को लगाने पड़ते हैं एक हजार चक्कर
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। हिमाचल पथ परिवहन निगम की नई इलेक्ट्रिक बसों की खरीद में शिमला लोकल डिपो को मिली 25 बसों में से 10 को देहरा डिपो भेज दिया है।
अब शिमला डिपो के पास महज 15 नई बसें बची हैं, जिनका संचालन लंबे और ग्रामीण रूटों पर किया जा रहा है। दस बसें देहरा भेजे जाने से अब शिमला में रूटों का संचालन करना मुश्किल हो रहा है। शिमला लोकल डिपो में 350 रूट संचालित होते हैं और करीब एक दिन में एक हजार चक्कर बसों को लगाने पड़ते हैं लेकिन डिपो के पास अब सिर्फ 190 बसें हैं। पुरानी कई इलेक्ट्रिक बसें खराब पड़ी हैं। इन बसों की मरम्मत और रखरखाव के लिए अभी तक कंपनी के साथ एग्रीमेंट की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई है। इसके चलते खराब बसों की मरम्मत शुरू नहीं हुई है।
लोकल डिपो में 85 पुरानी इलेक्ट्रिक बसें हैं। इनमें पहले चरण में 2018-19 में खरीदी गईं 50 बसों में से 25 खराब पड़ी हैं, जबकि दूसरे चरण में खरीदीं 35 इलेक्ट्रिक बसें सड़कों पर चल रही हैं। पहले चरण की 50 बसों के रखरखाव के लिए परिवहन निगम प्रशासन ने पीएमआई बस कंपनी के साथ चार साल का एग्रीमेंट करने का फैसला लिया है। एग्रीमेंट की शर्तों का मसौदा निगम प्रबंधन और कंपनी के बीच तय हो चुका है, लेकिन अभी तक करार नहीं हो पाया है। एग्रीमेंट की शर्तों के अनुसार बसों की बैटरी और टायर परिवहन निगम खरीदेगा जबकि अन्य कलपुर्जों और मरम्मत का पूरा जिम्मा कंपनी का होगा। एग्रीमेंट होने के बावजूद निगम को इन बसों की मरम्मत के लिए भारी-भरकम बजट का प्रावधान करना होगा। एक बस की बैटरी की कीमत करीब 25 लाख रुपये तक बताई जा रही है। नई बसों को दूसरे डिपो में भेजने के पीछे बसों की लंबाई अधिक होने का तर्क दिया जा रहा है। रोजाना 150 किलोमीटर से अधिक संचालन की शर्त पूरी न कर पाना भी बसों को शिफ्ट करने का कारण बताया जा रहा है लेकिन लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब शिमला डिपो में बसों की कमी तो नई बसों क्यों शिफ्ट किया गया।
अगले सप्ताह कंपनी के साथ होगा एग्रीमेंट
परिवहन निगम के शिमला शहरी डिपो में 50 बसों का मेंटेनेंस एग्रीमेंट समाप्त हो चुका है। इनके रखरखाव के लिए चार साल के एग्रीमेंट की शर्तें कंपनी प्रतिनिधियों के साथ मुख्यालय स्तर पर फाइनल कर दी हैं। अगले सप्ताह कंपनी के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर मंडलीय प्रबंधक कार्यालय के स्तर पर एग्रीमेंट किया जाएगा। इसके बाद एग्रीमेंट के अनुसार बसों की मरम्मत शुरू हो सकेगी।
-देवा सेन नेगी, मंडलीय प्रबंधक, शिमला, हिमाचल पथ परिवहन निगम