समुद्रतल से 16,580 फीट ऊंचे शिंकुला दर्रे को भेदकर बन रही 4.1 किलोमीटर लंबी सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण इस टनल से पाक और चीन सीमा तक भारतीय सेना की पहुंच आसान होगी।
दुनिया में सबसे अधिक ऊंचाई पर बनने वाली शिंकुला टनल के लिए केंद्र सरकार ने 1,700 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं। समुद्रतल से 16,580 फीट ऊंचे शिंकुला दर्रे को भेदकर बन रही 4.1 किलोमीटर लंबी सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण इस टनल से पाक और चीन सीमा तक भारतीय सेना की पहुंच आसान होगी। टनल बनने से मनाली-कारगिल और मनाली-लेह सामरिक मार्ग के बीच 12 महीने सेना के साथ आम लोगों और पर्यटक वाहनों की आवाजाही होगी।
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बर्फबारी में भी यातायात में कोई समस्या नहीं रहेगी। इस टनल के बनने से मनाली-लेह और मनाली-कारगिल के बीच करीब 100 किलोमीटर की दूरी कम होगी। मंगलवार को कुल्लू में भाजपा नेता एवं सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर कुशाल ठाकुर ने कहा कि यह टनल सामरिक महत्व के लिहाज से चीन और पाकिस्तान की सीमा तक भारतीय सेना को पहुंचने के लिए सबसे उपयुक्त विकल्प होगा। टनल को 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।