शिमला। हिमाचल में नए उद्योगों के लिए सेल डीड या लीज डीड के समय स्टांप ड्यूटी में छूट देने को सरकार ने प्रक्रिया शुरू कर दी है। राजस्व महकमे ने इस घोषणा को लागू करने से पहले सभी जिलाधीशों को पत्र भेजकर पूछा है कि ऐसा करने से राजस्व का सालाना नुकसान कितना होगा? उप सचिव राजस्व नरेंद्र कुमार की ओर से ये पत्र सभी उपायुक्तों और निदेशक लैंड रिकार्ड्स को गया है।
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने 7 फरवरी, 2014 को विधानसभा में दिए अपने बजट भाषण में ऐलान किया था कि हिमाचल में नई स्थापित होने वाली औद्योगिक इकाइयों के लिए स्टांप ड्यूटी में 50 फीसदी छूट दी जाएगी, लेकिन चुनाव आचार संहिता के कारण अभी तक इस घोषणा को लागू नहीं किया जा सका है। वर्तमान में राज्य में सेल डीड पर कुल 7 फीसदी स्टांप ड्यूटी है। इसमें तहसील फीस भी शामिल है। बजट घोषणा के मुताबिक स्टांप ड्यूटी को 3.5 फीसदी तक लाया जा सकता है। ये नए उद्योगों के लिए बड़ी राहत होगी। सरकार चुनाव आचार संहिता हटने के बाद इस बारे में आदेश कर सकती है। इससे पहले जिलाधीशों से मांगी गई जानकारी के आधार पर ये पता लगाया जाएगा कि इससे कितनी राजस्व हानि होने का अनुमान है? ये सुविधा लैंड यूज में बदलाव पर भी मिलनी प्रस्तावित है। सभी जिलों में एकत्र की जा रही सालाना रजिस्ट्रेशन फीस की जानकारी भी तलब की गई है। ये जानकारी आने के बाद संभव है कि लोकसभा चुनाव के बाद कैबिनेट में ये केस भेजा जाए।