कल्पना ने 10वीं की परीक्षा देने का निर्णय लिया और दिसंबर 2021 से स्कूल जाना शुरू किया। इस बारें में कल्पना ने शुरू में अपने परिवार को भी जानकारी नहीं दी थी। कल्पना के बेटे प्रसाद उन दिनों आयरलैंड में रहते थे, इसलिए उन्हें भी मां के दोबारा स्कूल जाने की बात नहीं पता थी। बेटे की शादी होनी थी, 10 वीं की परीक्षा की तारीख बेटे की शादी के ठीक बाद की आई थीं।
बेटे की शादी और परीक्षा की एक साथ की तैयारी
महीनों तक प्रसाद को मां की शिक्षा के बारे में पता न चला। वह आयरलैंड से घर फोन करते और मां से बात करने की इच्छा जाहिर करते तो उनसे कहा जाता कि वह शाम की वॉक पर गई हुई हैं। यहां तक कि घर पर कल्पना के पति और दूसरे बेटे को भी एक महीने तक इस बात की जानकारी नहीं थीं। हालांकि उन्हें बाद में ये बात पता चल गई।
79.60 फीसदी प्रतिशत से हुई पास
सालों बाद दोबारा पढ़ाई करने, सिलेबस खत्म करने के साथ ही गणित और अंग्रेजी जैसे विषयों की कम समय में तैयारी करना कल्पना के लिए आसान नहीं रहा होगा, वह भी तब जब उन्हें बेटे प्रसाद की शादी की तैयारी और परीक्षा के लिए पढ़ाई एक साथ करनी थीं। फरवरी में शादी और मार्च में परीक्षा, दोनों की अच्छे से तैयार की। इसके बाद भी कल्पना ने 10वीं में 79.60 प्रतिशत अंक हासिल कर साबित किया कि उम्र सिर्फ एक संख्या है। सपने साकार करने के लिए उम्र नहीं लगन होनी चाहिए।