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Salute To Mother: 53 साल की महिला ने पास की 10वीं की परीक्षा, मिलिए इस महिला से

Sat, 23 Jul 2022 07:35 PM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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53 साल की महिला ने पास की 10वीं की परीक्षा - फोटो : facebook/SrijanKalam
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पढ़ाई की उम्र की सीमा नहीं होती। शिक्षा हर किसी का अधिकार है, वह चाहे महिला या पुरुष हो या फिर बच्चा या बुजुर्ग। इसी वाक्य को पूरा करते हुए एक महिला ने 53 साल की उम्र में शिक्षा की ओर दोबारा रुख किया। जिन किताबों और स्कूल को महिला ने बचपन में शादी से पहले छोड़ दिया था, 37 साल बाद परिवार बच्चों की जिम्मेदारी को पूरा करते हुए उसी शिक्षा को हासिल किया। 53 साल की उम्र में महिला ने 10वीं की परीक्षा पास की। अक्सर माता पिता अपने बच्चों के पास होने पर गर्व करते है, समाज को बताते हैं कि उनका बच्चा पढ़ाई को लेकर कितना गंभीर है लेकिन इस महिला के बेटे ने गर्व के साथ मां की सफलता को सबके सामने जाहिर किया। महिला का नाम कल्पना है। चलिए जानते हैं 53 साल की उम्र में हाईस्कूल पास करने वाली कल्पना की कहानी।

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साॅफ्टवेयर इंजीनियर ने शेयर की मां की मार्कशीट 

लिंकडिन पर महाराष्ट्र के प्रसाद जम्भाले नाम के शख्स की पोस्ट उस समय चर्चा में आ गई, जब उन्होंने अपनी मां की मार्कशीट शेयर की। प्रसाद जम्भाले पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं और मास्टरकार्ड में सीनियर सॉफ्टवेयर इंजीनियर के पद पर कार्यरत हैं। उनकी मां का नाम कल्पना है, जिनकी उम्र 53 साल है। प्रसाद जम्भाले ने बताया कि उनकी मां कल्पना इसी साल हाईस्कूल की परीक्षा पास की है।

53 साल की महिला ने पास की 10वीं की परीक्षा

लिंकडिन पर कल्पना की मार्कशीट शेयर की गई। कल्पना के 10वीं की परीक्षा पास करने के पीछे की कहानी बहुत दिलचस्प है। जब वह 16 साल की थीं तो उनके पिता का निधन हो गया। परिवार पर आर्थिक संकट आ गया। कल्पना को बीच में ही शिक्षा छोड़नी पड़ी और परिवार के पालन पोषण करने के लिए नौकरी शुरू करनी पड़ी। बाद में उनकी शादी हो गई और घर परिवार की जिम्मेदारी निभाते निभाते पढ़ाई पीछे छूट गई।
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सरकारी स्कीम के तहत दोबारा शुरू की पढ़ाई

पिछले साल कल्पना एक सरकारी स्कूल में गईं। जहां एक शिक्षक ने उन्हें दोबारा से शिक्षा हासिल करने के लिए प्रोत्साहित किया और जानकारी दी कि एक सरकारी स्कीम के तहत एसएससी यानी 10वीं की परीक्षा देने का मौका मिल सकता है। इसके लिए स्टूडेंट की ऑफलाइन या ऑनलाइन ट्रेनिंग, किताबें आदि के लिए सरकार ही खर्च उठाएगी।

परिवार था मां की पढ़ाई से अनजान 

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कल्पना ने 10वीं की परीक्षा देने का निर्णय लिया और दिसंबर 2021 से स्कूल जाना शुरू किया। इस बारें में कल्पना ने शुरू में अपने परिवार को भी जानकारी नहीं दी थी। कल्पना के बेटे प्रसाद उन दिनों आयरलैंड में रहते थे, इसलिए उन्हें भी मां के दोबारा स्कूल जाने की बात नहीं पता थी। बेटे की शादी होनी थी, 10 वीं की परीक्षा की तारीख बेटे की शादी के ठीक बाद की आई थीं।

बेटे की शादी और परीक्षा की एक साथ की तैयारी

महीनों तक प्रसाद को मां की शिक्षा के बारे में पता न चला। वह आयरलैंड से घर फोन करते और मां से बात करने की इच्छा जाहिर करते तो उनसे कहा जाता कि वह शाम की वॉक पर गई हुई हैं। यहां तक कि घर पर कल्पना के पति और दूसरे बेटे को भी एक महीने तक इस बात की जानकारी नहीं थीं। हालांकि उन्हें बाद में ये बात पता चल गई।

79.60 फीसदी प्रतिशत से हुई पास

सालों बाद दोबारा पढ़ाई करने, सिलेबस खत्म करने के साथ ही गणित और अंग्रेजी जैसे विषयों की कम समय में तैयारी करना कल्पना के लिए आसान नहीं रहा होगा, वह भी तब जब उन्हें बेटे प्रसाद की शादी की तैयारी और परीक्षा के लिए पढ़ाई एक साथ करनी थीं। फरवरी में शादी और मार्च में परीक्षा, दोनों की अच्छे से तैयार की। इसके बाद भी कल्पना ने 10वीं में 79.60 प्रतिशत अंक हासिल कर साबित किया कि उम्र सिर्फ एक संख्या है। सपने साकार करने के लिए  उम्र नहीं लगन होनी चाहिए। 
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