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अनोखा इनिशिएटिव: पेड़-पौधों के जरिए दिव्यांग जनों का इलाज कर रही हैं प्रो बेला, आत्मनिर्भर बनाना है मकसद

Fri, 28 Jan 2022 04:00 PM IST
संकल्प सिंह लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

आज हम बात कर रहे हैं प्रो बेला की, जो एक अनोखे इनिशिएटिव के तहत दिव्यांग जनों का इलाज कर रही हैं। उनके इस अनोखे आइडिया की देश दुनिया में खूब वाहवाही हो रही है। प्रो बेला हॉर्टिकल्चर थेरेपी की सहायता से दिव्यांग जनों का इलाज कर रही हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Istock
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विस्तार
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'जब हौसला बना लिया है ऊंची उड़ान का तो क्या कद नापना आसमान का' हालांकि इस ऊंची उड़ान के मायने लोगों के लिए अलग अलग जरूर हो सकते हैं। किसी के लिए इसका अर्थ जीवन में बड़ी सफलता को अर्जित करना है, तो किसी के लिए समाज में एक सकारात्मक बदलाव लाना ही उसकी ऊंची उड़ान है। हमारे आस पास ऐसे कई लोग हैं, जो देश और समाज को एक सकारात्मक दिशा में ले जाने के लिए कई अच्छे काम कर रहे हैं। इसी कड़ी में आज हम बात कर रहे हैं प्रो बेला की, जो एक अनोखे इनिशिएटिव के तहत दिव्यांग जनों का इलाज कर रही हैं। उनके इस अनोखे आइडिया की देश दुनिया में खूब वाहवाही हो रही है। प्रो बेला हॉर्टिकल्चर थेरेपी की सहायता से दिव्यांग जनों का इलाज कर रही हैं। इस खास थेरेपी में वो पेड़ पौधों की मदद से दिव्यांगजनों का इलाज करती हैं। प्रो बेला कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर में कम्युनिटी साइंस की प्रोफेसर हैं।

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इस इनिशिएटिव के तहत प्रो बेला मानसिक, शारीरिक और दृष्टिबाधित दिव्यांगजनों की सहायता कर रही हैं। वे पेड़ पौधों की सहायता से दिव्यांगों के मोटर न्यूरॉन स्किल्स को ठीक करने का काम करती हैं। मोटर न्यूरॉन स्किल से तात्पर्य शरीर के अंगों का मस्तिष्क के साथ सही तालमेल से है। 

उनके बगीचे में दिव्यांगजन पौधे लगाने, पौधों को सींचने, गमले को तैयार करना, बीज बोने जैसे कई काम करते हैं। इसका सकारात्मक असर उनके मोटर न्यूरॉन स्किल पर पड़ता है। इसे करने से दिव्यांग लोगों के रिफ्लेक्सेस भी तेज होते हैं। उन्हें रोजाना इन कामों को करने की ट्रेनिंग दी जाती है। 

मोटर न्यूरॉन के इम्प्रूव होने से दिव्यांगों को रोजाना के काम करने के लिए किसी दूसरे व्यक्ति पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। वे इन कामों को खुद से ही आसानी से कर सकेंगे। प्रो बेला के इस इनिशिएटिव का मकसद दिव्यांगों को आत्मनिर्भर बनाना है। 
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प्रो बेला को इस काम के लिए देश दुनिया से खूब समर्थन मिल रहा है। उन्हें अमेरिकन हॉर्टिकल्चर थेरेपी एसोसिएशन द्वारा सम्मानित भी किया गया है। ऐसे में प्रो बेला देश दुनिया में करोड़ों लोगों के लिए एक मिसाल बन गई हैं, जो अपने इन अनोखे प्रयासों से कई दिव्यांगजनों को एक नई जिंदगी दे रही हैं।  
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