बोस्टन के पिलग्रिम अस्पताल में वो एक डॉक्टर की हैसियत से काम कर रही हैं। बता दें कि भाषा चैरिटी के सिलसिले में भारत भी आईं थीं। 24 साल की भारतीय मूल की भाषा ने भारत में काफी चैरिटी की थी। इसके साथ ही वो और भी देशों में जिसमें पाकिस्तान, तुर्की और अफ्रीका शामिल हैं, वहां भी गईं थीं। भारत के कई सारे स्कूलों में मिस इंग्लैंड ने किताबें और पढ़ाई-लिखाई से जुड़ी और भी चीजें चैरिटी में दी थीं।
बता दें कि भाषा केवल 9 साल की उम्र में ही इंग्लैंड आईं थीं और उनकी पढ़ाई-लिखाई भी इंग्लैंड में ही हुई है। चैरिटी के लिए अलग-अलग देशों में घूमते हुए जब वो भारत आईं तब उनके बोस्टन के पिलग्रिम अस्पताल के सहकर्मियों ने इंग्लैंड के हालातों बारे में बताया। जिसके बाद उन्होने अपने पुराने पेशे में लौटने का फैसला किया।