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मॉडलिंग का करियर छोड़ चुना अपना पुराना पेशा, अब कर रहीं कोरोना मरीजों की सेवा

Thu, 09 Apr 2020 09:15 AM IST
अपराजिता शुक्ला लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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- फोटो : social media
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साल 2019 में पेशे से डॉक्टर भाषा मुखर्जी ने मिस इंग्लैंड का ताज पहना था। लेकिन इस संकट की घड़ी में उन्होंने अपने सपने को किनारे रख पेशे को चुना है। भाषा मुखर्जी पेशे से डॉक्टर हैं और अपने महात्वाकांक्षाओं को पूरा करने के लिए मॉडलिंग को चुना था। ऐसे समय में जब पूरी दुनिया कोरोना जैसी महामारी की चपेट में हैं तो उन्हें अपना फर्ज याद आ गया। भाषा ने अपने पुराने अस्पताल से संपर्क किया जहां वो पहले अपनी सेवाएं एक डॉक्टर के तौर पर दे रहीं थीं। उन्होंने अस्पताल को बताया कि वो फिर से अपने काम पर लौटना चाहती हैं। जिसके लिए उनके अस्पताल ने उन्हें इजाजत दे दी।

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- फोटो : social media
बोस्टन के पिलग्रिम अस्पताल में वो एक डॉक्टर की हैसियत से काम कर रही हैं। बता दें कि भाषा चैरिटी के सिलसिले में भारत भी आईं थीं। 24 साल की भारतीय मूल की भाषा ने भारत में काफी चैरिटी की थी। इसके साथ ही वो और भी देशों में जिसमें पाकिस्तान, तुर्की और अफ्रीका शामिल हैं, वहां भी गईं थीं। भारत के कई सारे स्कूलों में मिस इंग्लैंड ने किताबें और पढ़ाई-लिखाई से जुड़ी और भी चीजें चैरिटी में दी थीं।
 


 
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बता दें कि भाषा केवल 9 साल की उम्र में ही इंग्लैंड आईं थीं और उनकी पढ़ाई-लिखाई भी इंग्लैंड में ही हुई है। चैरिटी के लिए अलग-अलग देशों में घूमते हुए जब वो भारत आईं तब उनके बोस्टन के पिलग्रिम अस्पताल के सहकर्मियों ने इंग्लैंड के हालातों बारे में बताया। जिसके बाद उन्होने अपने पुराने पेशे में लौटने का फैसला किया।
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