आपातकाल
इंदिरा के शासन के दौरान आपातकाल का फैसला सबसे बड़ा और विवादास्पद रहा। साल 1971 में उनके खिलाफ जब चुनावों में सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग का आरोप लगा तो इलाहाबाद हाईकोर्ट ने साल 1975 के लोकसभा चुनाव को रद्द कर दिया। साथ ही इंदिरा पर 6 साल चुनाव लड़के लिए बैन कर दिया। विपक्ष ने मौके का फायदा उठाते हुए इंदिरा से इस्तीफा मांगा। धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। इसके विपरीत इंदिरा ने आपातकाल की घोषणा कर दी। प्रेस की आजादी पर रोक लग गई। कई बड़े फेरबदल हुए। इससे नाराज जनता ने उन्हें 1977 के चुनाव में हरा दिया।
ऑपरेशन ब्लू स्टार
इंदिरा गांधी का एक और फैसला आज तक पूरा देश याद करता है, वह है ऑपरेशन ब्लू स्टार। उस दौर में पंजाब से खालिस्तान की मांग उठी। जनरैल सिंह भिंडरावाला खालिस्तान नेता बने। खालिस्तान समर्थकों ने स्वर्ण मंदिर को अपना ठिकाना बनाया। यहां सिख आतंकी आने लगे। इंदिरा गांधी ने भिंडरावाला की गिरफ्तारी का आदेश दिया। जिसके बाद सेना ने 1984 में एक ऑपरेशन चलाते हुए भिंडरावाला को मार गिराया। सेना के इस ऑपरेशन में स्वर्ण मंदिर को काफी नुकसान हुआ। सैकड़ों जाने गईं। सिख समुदाय आहत हुआ। इंदिरा की हत्या की भी यही वजह बनी, जब उनके ही सिख सुरक्षाबलों ने इंदिरा की हत्या कर दी।