दरअसल, 94 साल की दादी ने एक बार अपनी बेटी से कहा कि उन्होंने अपनी जिंदगी में कभी एक पैसा नहीं कमाया। मां की बातों को सुन बेटी ने उन्हें प्रोत्साहित किया और उनके नाम से शुरू किया एक ब्रांड। उनकी बेटी बताती है कि बचपन में हम लोग कभी बाहर का नहीं खाते थे। मां हमेशा तरह-तरह की डिश बनाती थीं। जिसमें से बेसन की बर्फी उनकी खासियत थी। बस बेटी ने इसी बेसन की बर्फी को बनाकर बेचना शुरू किया।
आनंद मंहिद्रा के ट्वीट की वजह से उनकी कहानी लोगों को पता चली। जिसके बाद लोगों ने इसे रीट्वीट करना शुरू कर दिया। दादी हरभजन कौर की कहानी हर किसी को प्रेरित करती है कि अपने सपनों को पूरा करने की कोई उम्र नहीं होती। आप जब चाहे इसे पूरा कर सकते हैं बस आपमें इसे पूरा करने का जज्बा होना चाहिए।