मेरठ की स्टाफ नर्स में शामिल वर्षा अपनी चार महीने की बच्ची से दूर है। दरअसल, सात दिन तक कोरोना वार्ड में ड्यूटी के बाद उन्हें 14 दिन एकांतवास के लिए रखा गया है। वर्षा कहती हैं कि कोरोना वार्ड में उन्हें मरीजों को दवाईयां वगैरह देना प्राथमिकता होती है। ड्यूटी खत्म होने के बाद हमें वहीं रहना होता था। अब ड्यूटी खत्म है तो एकांतवास के लिए रहना होगा। परिवार वालों से केवल फोन पर बात होती है। सास-ससुर ही बच्ची और परिवार की देखभाल कर रहे हैं और उनका हौसला बढ़ा रहे हैं।
वहीं दूसरी ओर सोनम गुप्ता की कहानी भी ऐसी ही मार्मिक है। 16 जनवरी को शादी हुई थी। ससुराल में 15 दिन ही रहने के बाद उन्होंने 2 फरवरी को ड्यूटी ज्वॉइन कर ली थी। कोरोना के संकट में उनकी ड्यूटी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र फफूंद में लगाने का आदेश आया था।