कोरोना की ऐसी ही योद्धा हैं उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल की। यहां के क्वारंटीन के जिला अस्पताल की चिकित्सक डॉ. दीप्ति रावत हैं। जो लगातार छह घंटे तक इस अस्पताल में मरीजों को सेवाएं दे रही हैं। काम के सिलसिले में वो आने वाले संदिग्ध मरीजों की जांच करती हैं और साथ ही पहले से कोरोना पीड़ित की भी जांच और देखभाल करती हैं। इसी के साथ ही वो परिवारवालों के प्रति थोड़ा कम जिम्मेदारी निभा पा रही हैं क्योंकि उनको सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना पड़ रहा है।
वहीं दूसरी ओर पुलिस प्रशासन में लखनऊ में एसपी कैंट बीनू सिंह हैं। उन्होंने अपना फर्ज अच्छे से निभाने के लिए बच्चों को नानी के पास भेज दिया है। तीन बच्चों की मां एसपी बीनू सिंह का कहना है कि अगर बच्चे यहां रहते तो वो उनकी ठीक से देखभाल न कर पाती और उनकी चिंता में ही लगी रहती। ऐसे में उन्हें नानी के पास भेज देने का विकल्प ही सही लग रहा था।
इसी तरह से डीसीपी शालिनी बताती हैं कि उनका चार साल का बेटा सोचता है कि मम्मी बदल गई हैं। वो पहले की तरह मुझे खाना नहीं खिलाती हैं। वो बताती हैं कि समझाने पर समझ तो गया लेकिन कहता है कि मम्मी बदल गईं हैं।