इस दौरान चौंकाने वाला खुलासा हुआ। अलग-अलग विद्यालयों में कार्यरत एक-एक कर छह कर्मचारियों के अभिलेख फर्जी पाए गए। बीएसए ने बताया कि कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय कौशाम्बी में तैनात रही वार्डेन शोभा कुमारी जैन ने झांसी विश्वविद्यालय के नाम से बीए बीएड की फर्जी डिग्री लगाई थी। इसी तरह मंझनपुर विद्यालय में अंशकालिक शिक्षिका के पद पर कार्यरत रही साधना गुप्ता ने काशी विद्यापीठ के नाम से फर्जी बीपीएड की डिग्री लगा रखी थी।
वहीं, नेवादा की पूर्ण कालिक शिक्षिका निधि केसरवानी ने भी हाईस्कूल, इंटर एवं बीए की फर्जी डिग्री लगा रखी थी। जबकि, कौशाम्बी विद्यालय की रसोइया सुमन देवी, सरसवां की प्रेम कुमारी तथा चायल की रसोइया रेखारानी ने कक्षा आठ का फर्जी अंक पत्र लगा रखा था। सत्यापन में फर्जीवाड़े का खुलासा होने पर बीएसए ने रिपोर्ट डीएम को सौंपी। जिलाधिकारी सुजीत कुमार ने प्रकरण गंभीरता से लेते हुए सभी छह कर्मचारियों की तत्काल संविदा सेवा समाप्त करते हुए एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश दिया।
छह माह पहले से ही स्कूल छोड़ भाग गईं सभी
फर्जीवाड़ा कर नौकरी हथियाने वाली कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों की महिला कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई भले ही मंगलवार को हुई हो, लेकिन उन्हें इस अंजाम का अंदाजा छह माह पहले ही लग गया था। तभी तो विभागीय नोटिस मिलने के बाद से ही एक-एक कर सभी ने कोई न कोई बहाना बनाकर ड्यूटी करना बंद कर दिया था। बीएसए ने बताया कि कार्रवाई की जद में आईं सभी महिला कर्मियों ने तकरीबन छह माह पहले से स्कूल आना छोड़ दिया था।
शासन के निर्देश पर कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय के कर्मचारियों के अभिलेखों का सत्यापन कराया गया। इस दौरान एक वार्डेंन, दो शिक्षिका व तीन रसोइया समेत छह कर्मचारियों के अभिलेख फर्जी मिले हैं। डीएम के निर्देश पर सभी की संविदा सेवा समाप्त कर मंझनपुर में कोतवाली में एफआईआर दर्ज करा दी गई है। -प्रकाश सिंह-बीएसए