कई स्थानों पर हुई आतिशबाजी
अयोध्या में रामलला के प्राण प्रतिष्ठा के मौके पर शहर में दिवाली जैसा नजारा रहा। शहर में कई स्थानों पर शाम ढलने के बाद आतिशबाजी हुई। लोगों ने पटाखे जलाकर खुशियों का इजहार किया।
जेपी विश टाउन में जलाए गए सवा लाख दीप
जेपी विश टाउन में सवा लाख दीप जलाए गए। इसके अलावा सांस्कृतिक कार्यक्रम में कलाकारों ने शानदार प्रस्तुतियों से सबका मन मोहा लिया। कथक नृत्यांगना डॉ. अनु सिन्हा के नेतृत्व में कलाकारों से 100 मिनट में सुर, ताल और नृत्य के माध्यम से संपूर्ण रामायण पेश की।
टीवी पर ऐतिहासिक पल देखकर भावुक हुए लोग
अयोध्या में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के मौके पर देश और दुनिया में रामभक्तों का उत्साह देखते ही बना। प्राण प्रतिष्ठा के पलों को हर कोई लाइव देखना चाहता था। समारोह के ऐतिहासिक पल को ज्यादातर लोगों ने परिवार के साथ घरों में बैठकर टीवी या मोबाइल पर देखा। समारोह को देखकर लोग इतने भावुक हो गए कि उनकी आंखों से खुशियों के आंसू छलक पड़े। इस पल को देखकर लोगों के जैसे बरसों की मुराद पूरी हो गई। वहीं, समारोह के दौरान सड़कें खाली नजर आईं। सड़कों पर भी चंद लोग कार्यक्रम का लाइव मोबाइल पर देखते नजर आए। उधर, नोएडा में समारोह के लिए नोएडा में 20 से अधिक जगहों पर बड़ी स्क्रीन लगाई गई थी। कार्यक्रम संपन्न होते ही लोगों ने जय श्रीराम कहकर एक दूसरे को बधाइयां दीं। इसके बाद लोग स्थानीय स्तर पर धार्मिक अनुष्ठानों में लग गए।
सोशल मीडिया का हर प्लेटफार्म हुआ राममय
अयोध्या में रामलला के विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर सोमवार को रामभक्तों सहित आमजन में उत्साह चरम पर रहा। इंटरनेट मीडिया पर रामभक्त खुलकर अपने मन के भावों को प्रदर्शित करते दिखाई दिए। नोएडा के भी तमाम लोगों ने सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म फेसबुक, व्हाट्सएप, एक्स (ट्विटर) व इंस्टाग्राम पर प्रभु श्रीराम के चित्र, भगवा झंडा के स्टीकर और फोटो पर जय श्रीराम लिखकर अपने दाेस्तों, रिश्तेदारों व अन्य जानकारों को भेजे। इंटरनेट मीडिया पर दिन की शुरुआत जयश्रीराम से हुई। सुबह से ही लोग रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की बधाई देने लग गए थे और देर रात्रि तक सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर प्रभु श्रीराम से जुड़ी पोस्ट जारी रहीं। ब्यूरो
बिसरख के शिवमंदिर-रावण मंदिर में पहली बार राम की प्रतिमा, गूंजे जय श्रीराम के नारे
अयोध्या राममंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा हुई तो सोमवार को ही ग्रेटर नोएडा वेस्ट के बिसरख स्थित शिव मंदिर में वैदिक मंत्रों के उच्चारण के साथ भगवान श्रीराम की प्राण प्रतिष्ठा की गई। रावण की जन्मस्थली कहे जाने वाले बिसरख के प्राचीन शिव मंदिर में पहली बार भगवान श्रीराम परिवार के साथ विराजमान हो गए। अब तक इस शिवमंदिर में शिवलिंग ही था और इसे लोग रावण मंदिर के नाम से जानते थे। इस दौरान गांव का माहौल पूरी तय राममय था और बच्चों, महिलाओं व लोगों की जुबान पर राम नाम रहा। वहीं, कुछ साल पहले ही शिव मंदिर के पास ही रावण मंदिर का भी निर्माण कराया गया है। जिसमें रावण की प्रतिमा स्थापना की गई है।
मंदिर परिसर में सुबह से ही जय श्रीराम के जयकारों की गूंज के बीच भक्तों ने राममूर्ति स्थापना से पहले गांव के सभी गलियारों से शोभायात्रा निकाली गई। डीजे बज रहे भजनों पर युवा और महिलाएं भी थिरकने से रोक न सकीं।
बच्चों, महिलाओं व युवाओं ने हाथों में भगवा झंडा लिए जय श्री राम के जयघोष से वातावरण को राममय बना दिया। लोगों ने घरों के ऊपर से रामभक्तों की भीड़ पर फूल बरसाएं। अयोध्या में रामलाला की मूर्ति की स्थापना के दौरान ही मंदिर परिसर में श्रीराम, सीता, लक्ष्मण और हनुमान की मूर्ति स्थापित की गई।
शिवमंदिर की दीवार पर बनी है रावण की प्रतिमा
बिसरख गांव में प्राचीन शिव मंदिर की बाहरी दीवारों पर सीमेंट से रावण व उनके परिवार की बड़ी प्रतिमाएं भी बनी हैं। मंदिर के अंदर प्राचीन शिवलिंग हैं जो बाहर से ही दिखाई देता है। दूर से दूर से लोग आज भी इस मंदिर के दर्शन के लिए आते हैं।