19 जनवरी को मेरे घर में शादी है। लेकिन, जब भगवान राम के विग्रह की प्राण- प्रतिष्ठा की तिथि का पता चली, तो मन में इच्छा जागी कि क्यों न उसी दिन गर्भस्थ बच्चे का जन्म हो। मेरे कुछ कहने से पहले ही डॉ. सोनिया सिंह ने प्रसव के लिए 22 जनवरी की तिथि निर्धारित कर दी। हमारे बड़े बच्चे का जन्म 21 जून को यानी योग दिवस के दिन हुआ था, अब दूसरे बच्चे का जन्म 22 जनवरी को होगी। मेरे पास शब्द नहीं हैंं कि मैं कैसे अपनी खुशी बयां करूं। - आरती पांडेय और जितेंद्र कुमार पांडेय राजरूपपुर।
गर्भ में पलने वाला यह मेरा पहला बच्चा है। वह भी ऐसे दिन पैदा हो रहा है, जिस दिन भगवान राम की प्राण- प्रतिष्ठा है। मैं और मेरी पत्नी बहुत खुश हैं। ऐसा लगता मानो हमारे पिछले जन्म कोई पुण्य कर्म हैं, जिसका फल इस जन्म में मिल रहा है। सिर्फ मैं और मेरी पत्नी ही नहीं बल्कि पूरा परिवार बहुत खुशी है। मैं भाग्यशाली हूं कि प्रसव की तिथि मेरी इच्छा अनुसार 22 जनवरी को मिली है। - वंदना पाल-चंद्र प्रकाश पाल। - कौशाम्बी।
कई गर्भवती महिलाओं ने आग्रह किया है कि उनके प्रसव की तिथि 22 जनवरी को निर्धारित कर दी जाए। लोगों में भगवान श्रीराम की प्राण- प्रतिष्ठा को लेकर काफी उत्साह है। - डॉ. सोनिया सिंह, स्त्री रोग विशेषज्ञ, नारायण स्वरूप अस्पताल, प्रयागराज।