दिन में इसलिए बंद रहेगा मंदिर
प्राण प्रतिष्ठा संपन्न होने के बाद 23 जनवरी से ब्रह्म मुहूर्त में करीब 3 बजे से गर्भगृह की स्वच्छता करने, पूजन और श्रृंगार की तैयारी की जाएगी। 3.30 से 4 बजे के करीब, तय समय पर भगवान के दोनों विग्रह और श्रीयंत्र को मंत्रों से जगाया जाएगा। फिर मंगला आरती होगी। इसके बाद विग्रहों का अभिषेक, श्रृंगार भोग होगा। शृंगार आरती होगी। यह 4.30 से 5 तक होगी। सुबह आठ बजे से दर्शन शुरू होंगे। दोपहर, करीब एक बजे मध्याह्न में भोग आरती होगी। दो घंटे दर्शन बंद रहेंगे। भगवान विश्राम करेंगे। दोपहर तीन बजे से दर्शन फिर शुरू होंगे, जो रात 10 बजे तक लगातार जारी रहेंगे। इसी बीच, शाम सात बजे संध्या आरती होगी।