आकाशवाणी के निदेशक लोकेश शुक्ल ने बताया कि लोक रामायण के भजनों की तीन दिन की लंबी मशक्कत के बाद रिकार्डिंग करा ली गई है। इसमें प्रभु श्री राम के जन्म, विश्वामित्र के साथ यज्ञ की रक्षा के लिए जाने के अलावा राम वन गमन के प्रसंगों पर आधारित भजन शामिल किए गए हैं। इन भजनों को आकाशवाणी के एक ग्रेड के कलाकारों ने लयबद्ध किया है।
प्रभु श्रीराम पर आधारित इस नाट्य रूपक को अर्काइव से निकाला गया तो उसकी रिकॉर्डिंग इस्तेमाल के लायक नहीं रह गई थी। ऐसे में किसी तरह उनके हस्तलेखों को एकत्र किया गया। इसमें से 36 की जगह 26 भजनों की रिकॉर्डिंग करा ली गई है। इसमें भगवान राम के विविध रूपों और उनके जीवन के आदर्शों के भजनों में पिरोया गया है। प्राण-प्रतिष्ठा के दिन इन भजनों को आकाशवाणी के सभी केंद्रों से एक साथ प्रसारित किया जाएगा। - लोकेश शुक्ला- निदेशक, आकाशवाणी प्रयागराज