इसके अलावा सभी तरहों अखाड़ों के महंतों और प्रतिनिधियों के अलावा महामंडलेश्वरों को भी प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव में शामिल होने का न्योता मिला है। इसकी पुष्टि बृहस्पतिवार को अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रविंद्र पुरी ने खुद की। उन्होंने बताया कि उन्हें न्यौता मिल चुका है।
इस महोत्सव में वह रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा का साक्षी बनने को लेकर गौरवान्वित हैं। उनका कहना है कि प्रभु श्रीराम के विग्रह प्राण-प्रतिष्ठा में शामिल होने का न्योता मिलने के बाद वह खुद को धन्य महसूस कर रहे हैं। इस महोत्सव में परिषद के महामंत्री समेत तेरहों अखाड़ों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की भी उन्होंने जानकारी दी। महंत रविंद्र पुरी का कहना था कि वह अयोध्या जन्मभूमि पर रामलला के लिए उपहार भी लेकर जाएंगे। उपहार में क्या लेकर जाएंगे, पूछने पर उनका कहना था इसे गोपनीय रखा गया है।