भाजपा के एक नेता के मुताबिक 1000 रुपये की राशि केवल इसलिए रखी गई है, जिससे केवल गंभीर लोग ही भगवान राम के दर्शनों के लिए इस योजना का लाभ उठाएं। दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर के सुदूर राज्यों से अयोध्या तक आने में ही कई हजार रुपये खर्च हो जाते हैं। इस यात्रा पर आने वाला शेष खर्च पार्टी नेता या सांसद-विधायकों के द्वारा वहन किया जाएगा। माना जा रहा है कि भाजपा की इस योजना का उद्देश्य लोकसभा चुनाव 2024 के अंतर्गत एक लहर बनाना भी है।