रामलला के लिए रामकथा की बहेगी रसधार
22 जनवरी को दीपावली उत्सव के पूर्व साधु-संतों के सानिध्य में श्रीराम कथा होगी। शृंग्वेरपुरधाम पीठाधीश्वर महंत रामप्रसाद दास शास्त्री, हनुमानगढ़ी के महंत कमलदास महाराज,राघवदास महाराज, हनुमानदास महाराज समेत अन्य साधु-संतों की रामकथा से शृंग्वेरपुरधाम राममय होगा।
नौका पर विराजमान होंगे रामलला
अयोध्या में जहां एक तरफ रामलला विराजमान होंगे, वहीं दूसरी तरफ शृंग्वेरपुरधाम में रामलला की सुंदर झांकियों को नौका से गंगापार कराया जाएगा। रामलला को नौका में बैठाकर गंगा पार कराने का दृश्य शृंग्वेरपुरधाम को त्रेता युग की यादें दिलाएगा। इसी के साथ अयोध्या से शृंग्वेरपुरधाम तक को राममय बनाया जाएगा।
शृंग्वेरपुरधाम ऋषि श्रृंगी की तपोभूमि है। मान्यता है कि त्रेता युग में ऋषि श्रृंगी ने पुत्रेष्टि यज्ञ करवाया था। जिसके बाद प्रभु श्रीराम का प्राकटय हुआ। - शृंग्वेरपुरधाम पीठाधीश्वर महंत श्रीरामप्रसाद दास शास्त्री
दीपोत्सव मनाया जाना प्रभु श्रीराम के साक्षात अयोध्या के साथ शृंग्वेरपुरधाम में होने की अनुभूति कराएगा। यहां का दीपोत्सव अद्भुत पलों की अनुभूति कराएगा। - महंत कमलदास महाराज, हनुमान गढ़ी रामचौरा।
शृंग्वेरपुरधाम ने विश्व को श्रीराम दिया है। यह शृंग्वेरपुरधामवासियों के लिए गर्व की बात है। शृंग्वेरपुरधाम में ही भगवान श्रीराम ने दो बार गंगा पूजन किया था। - अरुण द्विवेदी-महामंत्री, जय श्रीराम सेवा समिति।