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Ayodhya : श्रद्धालु रामधुन में मग्न...प्रसाद के लिए जगह-जगह भंडारे, दो लाख भक्तों के लिए निशुल्क नाश्ता

Sun, 21 Jan 2024 05:58 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला विशेष टीम, अयोध्या

सार

अर्थात श्रीराम के राजगद्दी पर बैठते ही तीनों लोक प्रसन्न हुए और उनके सब दुख दूर हो गए। राम के प्रताप से कोई किसी से वैर नहीं करता था और ऊंच नीच का भेद भी समाप्त हो गया।
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अयोध्या में राम भक्तों का हुजूम... - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राम राज बैठे त्रैलोका, हर्षित भए गए सब सोका। बयरु न कर काहू सन कोई, राम प्रताप बिषमता खोई...अर्थात श्रीराम के राजगद्दी पर बैठते ही तीनों लोक प्रसन्न हुए और उनके सब दुख दूर हो गए। राम के प्रताप से कोई किसी से वैर नहीं करता था और ऊंच नीच का भेद भी समाप्त हो गया। मानस की यह चौपाई राम की नगरी अयोध्या पर एकदम सटीक बैठती है। अयोध्या धाम आने वाले श्रद्धालुओं के लिए 40 से अधिक स्थानों पर भोजन व निशुल्क चाय व पानी का इंतजाम किया गया है।
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रोजाना दो लाख से अधिक श्रद्धालु भंडारों का प्रसाद ग्रहण कर रहे हैं। अयोध्या धाम में राम के भक्तों पर मां अन्नपूर्णा की कृपा अनवरत बरस रही है। कहीं सीता रसोई चल रही है तो कहीं लंगर सजा है तो कहीं चाय और कॉफी का वितरण हो रहा है जो सोमवार तक चलेगा। इसमें पंजाब, अजमेर, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश समेत अन्य राज्यों के अलावा आसपास के जिलों से आए भक्त निशुल्क भंडारों का संचालन कर रहे हैं। 

बड़ा भक्तमाल की बगिया में सबसे बड़ी रामकथा का आयोजन हो रहा है। संयोजक संदीप सिंह का कहना है कि रोजाना 20 से 25 हजार लोग भंडारे में प्रसाद ग्रहण कर रहे हैं। अमृत महोत्सव में 1500 ब्राह्मण व 200 आचार्य अनुष्ठान कर रहे हैं। 10 हजार से अधिक यजमान हैं।  भोजन के इंतजाम पर हर दिन 50 लाख रुपये तक का खर्च हो रहा है।
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दशरथ महल में अजमेर से आए श्रद्धालु भंडारा चला रहे हैं। 25 कारीगरों की टोली जिम्मेदारी संभाल रही है। टीम से जुड़े अशोक ने बताया कि रोजाना सुबह और शाम पांच हजार से अधिक श्रद्धालु यहां भोजन कर रहे हैं। प्रतिदिन अलग-अलग भोजन प्रसादी तैयार की जाती है।

पंजाब से आए जत्थेदारों की टोली ने लंगर शुरू किया है। रामलला का दर्शन करने पहुंच रहे ज्यादातर श्रद्धालु यहीं भोजन कर रहे हैं। मणिराम दास की छावनी के जानकी दास और बड़ी छावनी के महंत जगदीश दास ने बताया कि भंडारा अनवरत चल रहा है।

राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुसार शहर में 30 से अधिक जगहों पर भंडारे का आयोजन किया गया है। कारसेवकपुरम में सीता रसोई में सुबह के जलपान से भंडारे की शुरुआत होती है और रात्रि में भोजन के साथ इसे विराम दिया जाता है।

राम नाम बोलिए कॉफी, चाय पीजिए
रामजन्मभूमि की ओर श्री ऋषि शृंग महाराज व शांता माता के वंशज सोसायटी की ओर से निशुल्क, दूध, चाय व कॉफी की सेवा की जा रही है। यहां बस राम नाम बोलकर कोई भी कॉफी, चाय और दूध निशुल्क ले सकता है। इसके अलावा कई संस्थाओं की ओर से सेवादारों की टोली बाइक पर चाय व कॉफी बांट रही है। वहीं, सरयू तट पर स्थित राजघाट पर मंदिर में प्रतिदिन बजरंगबली को बाटी और चोखा का भोग लगाया जाता है और प्रसाद के रूप में भक्तों को बाटी और चोखा दिया जाता है। 
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