तिजारा नगर परिषद सभापति चुनाव में बाड़ेबंदी और पार्षदों को हरियाणा में रोकने के आरोपों के बीच मतदान रात 10 बजे तक चला। कांग्रेस के रामावतार सैनी 2 वोट से जीते।
खैरथल-तिजारा जिले की तिजारा नगर परिषद में सभापति चुनाव को लेकर सोमवार को दिनभर चले सियासी घमासान का देर रात परिणाम सामने आया। कांग्रेस प्रत्याशी रामावतार सैनी ने भाजपा के सुभाष सैनी को दो वोट से हराकर सभापति पद पर कब्जा कर लिया। कुल 35 पार्षदों ने मतदान किया, जिसमें एक वोट अवैध घोषित हुआ। रामावतार सैनी को 18 और भाजपा के सुभाष सैनी को 16 वोट मिले।
दरअसल, सभापति चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस समर्थित पार्षदों को हरियाणा में रोके जाने के आरोपों से तिजारा की सियासत गरमा गई थी। कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि हिमाचल प्रदेश में बाड़ेबंदी में रखे गए उसके समर्थक पार्षद तिजारा लौट रहे थे, तभी पंचकूला के चंडीमंदिर-सूरजपुर टोल के पास उन्हें रोक लिया गया। कांग्रेस नेताओं ने इसे मतदान प्रभावित करने की कोशिश बताया था। हालांकि, पंचकूला पुलिस ने पार्षदों को हिरासत में लेने के आरोप से इनकार किया था।मामला राजस्थान हाईकोर्ट तक भी पहुंचा। कांग्रेस प्रत्याशी रामावतार सैनी की याचिका पर हाईकोर्ट ने चुनाव टालने से इनकार करते हुए कहा कि निर्वाचित पार्षदों को अपने वैधानिक मतदान के अधिकार से नहीं रोका जा सकता। इसके बाद मतदान की प्रक्रिया आगे बढ़ी।