राजस्थान के आबू रोड में शनिवार को विश्व शांति शिखर सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने दुनिया से आतंकवाद के मुद्दे पर एकजुट होने का आह्वान किया और कहा कि आतंकवाद को आश्रय देने वालों को अलग-थलग किया जाना चाहिए।
संयुक्त राष्ट्र में भारत और पाकिस्तान के प्रधानमंत्रियों के भाषणों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि एक भाषण (प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का) शांति और उन्नति के बारे में था तो दूसरा (पाकिस्तान का) भाषण नफरत और हिंसा के बारे में था।
उन्होंने कहा, 'अब समय आ गया है कि हम इस ओर ध्यान दें और आतंकवाद को बढ़ावा देने वालों को जितनी जल्दी हो सके अलग थलग कर दिया जाए, तभी शांति हो सकती है।' नायडू ने कहा कि आतंकवाद, विकास, शांति और उन्नति को प्रभावित करता है तथा मानसिक शांति को भी प्रभावित करता है।