राजस्थान में भाजपा नेता लगातार राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर हमलावर हैं। वो सीएम गहलोत पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं लेकिन इस सबके बीच भाजपा की एक वरिष्ठ नेता एक दम खामोश हैं। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की खाशोमी राजस्थान में सियासी भूचाल की तरफ इशारा कर रही है।
पिछले छह दिनों से पूर्व सीएम वसुंधरा राजे का एक भी बयान कांग्रेस या सीएम अशोक गहलोत को लेकर सामने नहीं आया है। कांग्रेस पार्टी के अंदर चल रही कलह को भाजपा अंदरुनी झगड़ा बता रही है लेकिन इसी बीच भाजपा के बीच चल रही गुटबाजी भी सामने आ रही है।
गहलोत सरकार के बीच दरार पड़ते ही केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ओम माथुर, नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया, उप नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ और प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया परी तरह से सक्रिय हो चुके हैं। इन सबके बीच पूर्व सीएम वसुंधरा राजे बिल्कुल खामोश हैं।
राजे के करीबी सूत्रों का कहना है कि आलाकमान की तरफ से उनसे बात नहीं की गई है। ऐसी स्थिति में वे भला किसी प्रकार की प्रतिक्रिया क्यों दें? बता दें कि भाजपा ने राज्यसभा चुनाव में वसुंधरा राजे से बिना चर्चा किए ही दूसरे प्रत्याशी को चुनाव में उतार दिया था। इससे राजे काफी नाराज भी थीं।
ऐसे में माना जा रहा है कि राजे की राय के बिना भाजपा ने यदि कोई फैसला किया तो वे पार्टी के लिए बड़ी मुसीबत खड़ी कर सकती हैं। साथ ही वो भाजपा की योजना को भी बिगाड़ सकती हैं, जिससे सीधे तौर पर गहलोत सरकार को फायदा मिलेगा। वहीं, सीएम गहलोत भी कई बार पूर्व सीएम वसुंधरा राजे का जिक्र कर चुके हैं।
गहलोत ने कहा था कि भाजपा ने वसुंधरा राजे को किनारे कर दिया है? हमने नहीं भाजपा ने ही उन्हें सीएम बनाया था। उसके जवाब में भी राजे की तरफ से आज तक कोई बयान नहीं आया है।