सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती के 805 वें उर्स को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। तैयारियों को लेकर प्रशासन ने कमर कस रखी है। इस बार कई नई बातें होंगी। इसमें सबसे अहम होगी उर्स की हाइटेक सुरक्षा व्यवस्था। इस बार उर्स के दौरान चप्पे चप्पे पर ड्रोम कैमरे से नजर रखी जाएगी।
उर्स शुक्रवार से शुरू होने वाला है और जायरीनों का अजमेर पहुंचने का सिलसिला जारी है। बड़ी तादाद में जायरीन अजमेर पहुंच गए हैं। वे ख्वाजा की दरगाह पर अकीदत के फूल चढ़ाएंगे। जायरीनों की भीड़ को लेकर इलाके की धर्मशालाएं व होटल फुल हो गए हैं। इस बार उर्स को लेकर खास इंतजाम किए गए हैं। इन खास इंतजामों में सबसे अहम बात ये है कि दरगाह के अंदर इस बार कांच की बोतलों में इत्र नहीं बेचा जा सकेगा।
सुरक्षा एवं अन्य व्यवस्थाओं को लेकर पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों की बैठकें तेज हो गई हैं। चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा व खूफिया एजेंसियों की नजर है। इस बार दरगाह में चादर के जुलूस पर भी पाबंदी रहेगी। इस तरह के जुलूस गाजे-बाजे के साथ देहली गेट तक ही ले जाए जा सकेंगे। वाहनों की पार्किंग पहली बार विश्राम स्थली के बाहर करवाई जाएगी।