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बच्चों के दिल की जांच करने वाली मशीन से लेडी डॉक्टर करती थी ये गंदा काम

Wed, 22 Mar 2017 01:25 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
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बच्चों के हृदय जांच करने के काम में आने वाली सीटीजी मशीन - फोटो : amar ujala
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बच्चों के हृदय रोग उपचार में काम आने वाली सीटीजी मशीन से भ्रूण लिंग जांच करने का एक अनोखा मामला सामने आया है। मामले में 55 वर्षीय एमबीबीएस लेडी डॉक्टर सुशीला खींची व उसके सहयोगी कुलदीप जोशी को गिरफ्तार किया गया है।
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राज्य पीसीपीएनडीटी दल ने इनके पास से उपयोग में ली गई मशीन, लैपटॉप, 35 हजार रुपए तथा अन्य उपकरण जब्त किए हैं। राज्य समुचित प्राधिकारी पीसीपीएनडीटी एवं मिशन निदेशक एनएचएम नवीन जैन ने बताया कि गिरफ्तार चिकित्सक सुशीला खींची अपना निजी अस्पताल चलाती थी एवं वहां वह लंबे समय से लिंग जांच जैसा घृणित कार्य करने में लिप्त थी, हमें ऐसी सूचनाएं लगातार मिल रही थी। उन्होंने बताया कि राज्य में सीटीजी मशीन से लिंग जांच करने का यह पहला मामला है जिसमें आरोपी चिकित्सक के द्वारा सीटीजी मशीन, लैपटॉप व प्रोब का उपयोग करते हुए लिंग जांच की जा रही थी।


 
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टीम में शामिल की गई थी गर्भवती महिला

भ्रूण जांच करने वाली डॉक्टर सुशीला खींची - फोटो : amar ujala


मिशन निदेशक ने बताया कि जोधपुर शहर के खींची अस्पताल में अवैध रूप से लिंग जांच करने की सूचना के बाद गतिविधियों पर बराबर नजर रखी जा रही थी। उन्होंने बताया कि मंगलवार को गर्भवती महिला सहित पीसीपीएनडीटी टीम द्वारा खींची अस्पताल में डिकाॅय गर्भवती को भिजवाया गया। यहां अस्पताल संचालिका डाॅ. सुशीला द्वारा गर्भवती महिला के कोख में पल रहे भ्रूण की लिंग की जांच की गई। उन्होंने बताया कि 35 हजार रूपए भ्रूण जांच करने के बदले टीम की सदस्य महिला से ले लिए गए।

चिकित्सकीय जांच हो जाने के बाद दल की सदस्य गर्भवती ने इशारा कर दिया। इस पर दल सदस्यों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी चिकित्सक सुशीला खींची व सहयोगी कुलदीप जोशी को गिरफ्तार कर राजकीय नम्बरी नोट बरामद कर लिए।  

जैन ने बताया कि इस कार्रवाई में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रघुवीरसिंह के नेतृत्व में राज्य पीसीपीएनडीटी सेल के पीबाई प्रभारी सीआई सीताराम, उपनिरीक्षक विक्रम सेवावत, हैड कॉन्स्टेबल सांवरमल, शंकरलाल सहित पीसीपीएनडीटी समन्वयक भी शामिल थे।
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